Day: मई 13, 2026

टीआरआई अभिलेखालय…
पुरालेख
उत्तर-पूर्व

मणिपुर: राज्य में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां

इम्फाल: मणिपुर में पिछले कुछ समय से बढ़ते जातीय तनाव और सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के बीच बुधवार को कांगपोकपी जिले में हुए एक घातक हमले

नेपाल

झापा में सरकारी-सार्वजनिक जमीन अतिक्रमण: नीति, राजनीति और प्रबंधन की चुनौती

देवेन्द्र किशोर झापा जिले में सरकारी तथा सार्वजनिक जमीनों पर अतिक्रमण की समस्या पिछले कुछ वर्षों में गंभीर होती जा रही है। भूमि प्रशासन कार्यालय के

नेपाल

नेपाल की अर्थव्यवस्था की स्थिति चुनौतीपूर्ण

देवेन्द्र किशोर नेपाल की अर्थव्यवस्था पिछले एक दशक से एक विरोधाभासी वास्तविकता का सामना कर रही है। एक ओर प्रति व्यक्ति आय (पर कॉपीटा इनकम )

राष्ट्रीय

‎‎श्यामाप्रसाद मुखर्जी से वर्तमान भाजपा सरकार तक की राजनीतिक यात्रा

‎कोलकाता(बेबी चक्रवर्ती): भारत के राजनीतिक इतिहास में भारतीय जनता पार्टी आज एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में स्थापित है। हालांकि इस दल की जड़ें काफी गहराई

नार्थ बंगाल

पश्चिम बंगाल में अवैध टोल गेट बंद करने का आदेश, भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन का वादा लेकर राजू बिष्टा का बयान‎

‎दार्जिलिंग: भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजू बिष्टा ने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने सभी अवैध टोल गेटों को तत्काल प्रभाव से बंद करने

अंतरराष्ट्रीय

नर्गिस मोहम्मदी : जेल के अँधेरे से उठी स्वतंत्रता की आवाज

देवेन्द्र किशोर ईरान की मानवाधिकार कार्यकर्ता नर्गिस मोहम्मदी का जीवन केवल व्यक्तिगत साहस की कहानी नहीं है, बल्कि यह आधुनिक विश्व राजनीति में राज्य सत्ता द्वारा

प्राविधि/विज्ञान

चिकित्सा प्रौद्योगिकी में नए युग की शुरुआत: मणिपाल अस्पतालद्वारा ‘रोबोटिक शिखर सम्मेलन २०२६’ आयोजित

‎कोलकाता: जटिल कैंसर शल्यक्रिया से लेकर जोड़ प्रत्यारोपण के बाद तेजी से स्वस्थ होने तक—रोबोटिक सहायक प्रौद्योगिकी धीरे-धीरे पूर्वी भारत की स्वास्थ्य सेवाओं के भविष्य को

व्यापार/वाणिज्य

मुथूट फाइनेंस की सूचीबद्धता के १५ वर्ष पूर्ण, बाजार पूंजीकरण ६० अरब से बढ़कर १.५ लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा

‎कोच्चि: भारत की सबसे बड़ी सोने के ऋण देने वाली गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी मुथूट फाइनेंस ने भारतीय शेयर बाजारों में सूचीबद्ध होने के १५ वर्ष पूरे

नेपाल

राजकोष, सत्ता और जनविश्वास: नई राजनीति की अपरिहार्यता

देबेन्द्र किशोर नेपाल की राजनीतिक इतिहास में सत्ता, राज्य संसाधनों और सार्वजनिक नैतिकता का प्रश्न हमेशा विवाद के घेरे में रहा है। हाल के समय में