सेना, न्यायपालिका और विदेशी मिशनों पर भी भ्रष्टाचार की जांच होने के लिए शक्तिशाली रणनीतिक योजना का मसौदा सार्वजनिक

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काठमांडू: भ्रष्टाचार नियंत्रण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नेपाल सरकार ने एक कठोर ‘राष्ट्रीय रणनीतिक योजना’ का मसौदा पेश किया है, जिसमें नेपाली सेना, न्यायपालिका और विदेशी राजनयिक मिशनों को भी जांच के दायरे में लाने का प्रस्ताव है। प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा जारी इस दस्तावेज का उद्देश्य उन शक्तिशाली संस्थानों को जवाबदेह बनाना है जो अब तक भ्रष्टाचार की जांच से मुक्त रहे हैं। इस योजना के तहत सरकार ने सैनिक अधिनियम और अख्तियार दुरुपयोग अनुसंधान आयोग अधिनियम सहित लगभग दो दर्जन मौजूदा कानूनों में संशोधन करने और हितों के टकराव से संबंधित अधिनियम सहित ८ नए कानून लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है।
​प्रस्तावित मसौदे के अनुसार, नेपाली सेना के भीतर भ्रष्टाचार की जांच के लिए डिप्टी अटॉर्नी जनरल के नेतृत्व में एक विशेष समिति का गठन किया जाएगा। वहीं न्यायपालिका में न्यायाधीशों की अवैध संपत्ति की जांच के लिए एक अलग स्वतंत्र निकाय स्थापित करने और महाभियोग का सामना करने वाले अधिकारियों पर भ्रष्टाचार का मुकदमा चलाने का प्रावधान किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सख्त रुख अपनाते हुए सरकार ने भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले विदेशी राजनयिकों को ‘पर्सना नॉन ग्राटा’ घोषित कर देश से निकालने और गैर-राजनयिक कर्मचारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की योजना बनाई है। कैबिनेट के नीतिगत निर्णयों और निजी क्षेत्र को भी जांच के दायरे में लाने वाली यह योजना देश में सुशासन की नई दिशा तय करने की उम्मीद जगाती है।

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