ट्राइब्यूनल की अनुमति पर मिलेगा मतदान का अधिकार
कोलकाता: सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले से विचाराधीन मतदाताओं को बड़ी राहत मिली है। गुरुवार को घोषित इस निर्णय में कहा गया है कि मतदान से ४८ घंटे पहले तक यदि ट्राइब्यूनल किसी विचाराधीन मतदाता के नाम पर अनुमति प्रदान करता है, तो वह मतदान कर सकेगा। यह निर्णय पहले और दूसरे, दोनों चरणों के मतदान में लागू होगा।
शीर्ष अदालत ने अपने दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि बंगाल के एसआईआर मामले के संदर्भ में यह विशेष व्यवस्था की गई है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि संविधान के १४२वें अनुच्छेद का उपयोग करते हुए यह निर्देश जारी किया गया है, ताकि न्याय सुनिश्चित किया जा सके।
इसके अलावा अदालत ने कहा कि २१ अप्रैल से २७ अप्रैल के बीच यदि ट्राइब्यूनल में किसी मामले का निपटारा होता है, तो संबंधित मतदाता मतदान का अधिकार प्रयोग कर सकेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग को एक अतिरिक्त मतदाता सूची प्रकाशित करनी होगी।
हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल आवेदन करने से मतदान का अधिकार स्वतः प्राप्त नहीं होगा, ट्राइब्यूनल की स्वीकृति अनिवार्य है।
इस निर्देश पर राज्य के वकील कल्याण बंद्योपाध्याय ने कहा, “हमने जो मांग की थी, वही हुआ। सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशेष शक्तियों का प्रयोग बंगाल की एसआईआर प्रक्रिया में निस्संदेह अभूतपूर्व है।”










