नई दिल्ली: डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पोप की आलोचना के बाद इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ उनके संबंधों में तनाव और गहरा हो गया है। ट्रंप ने ईरान युद्ध में समर्थन न देने तथा पोप के पक्ष में खड़े होने को लेकर मेलोनी की कड़ी आलोचना की।
एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि उन्हें मेलोनी से अधिक साहस की अपेक्षा थी, लेकिन वह गलत साबित हुए। वहीं मेलोनी ने पोप पर ट्रंप के हमले को “अस्वीकार्य” बताया, हालांकि उन्होंने ट्रंप के आरोपों का सीधे तौर पर जवाब नहीं दिया।
इस बीच ब्राजील के राष्ट्रपति लुईज इनासियो लूला दा सिल्वा ने भी ट्रंप पर निशाना साधते हुए पोप के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने कहा कि शांति और मानवता की बात करने वालों पर अक्सर शक्तिशाली लोग हमला करते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद मेलोनी के लिए राजनीतिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है, क्योंकि वह देश में आर्थिक दबाव और हालिया राजनीतिक चुनौतियों से उबरने का प्रयास कर रही हैं।
ईरान युद्ध को लेकर इटली और अमेरिका के बीच मतभेद स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। मेलोनी पहले ही स्पष्ट कर चुकी हैं कि इटली इस युद्ध में शामिल नहीं होगा।
पोप लियो चौदहवें और ट्रंप के बीच विवाद तब और बढ़ गया, जब पोप ने युद्ध और हिंसा के खिलाफ बयान देते हुए कहा कि ईश्वर बम गिराने वालों का साथ नहीं देते। इसके जवाब में ट्रंप ने पोप पर वामपंथी प्रभाव में होने का आरोप लगाया।









