सिक्किम एकता, सतत विकास और अनुशासित जीवन का आदर्श राज्य: उपराष्ट्रपति

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गंगटोक: भारत के उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन आज राजधानी के मनन केंद्र में आयोजित ५१वें राज्य दिवस समारोह में शामिल हुए। इस कार्यक्रम में संचार तथा उत्तर-पूर्व क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर, मुख्यमंत्री प्रेमसिंह तमांग और मुख्यमंत्री की पत्नी कृष्णा राय विशेष रूप से उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा कि सिक्किम एकता, सतत विकास और अनुशासित जीवन का आदर्श राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना दिवस के समारोह में भाग लेकर वे सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने सिक्किम को केवल कृषि के दृष्टिकोण से ही नहीं, बल्कि आचरण की दृष्टि से भी जैविक राज्य बताया।
‎गंगटोक तक अपनी सड़क यात्रा को स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने राज्य के लोगों में गर्मजोशी, मर्यादा, स्वच्छता और नागरिक अनुशासन देखा। उन्होंने सिक्किम को प्रकृति, संस्कृति और प्रशासन के सामंजस्य का उज्ज्वल उदाहरण बताया और कहा कि यह राज्य विकास और पर्यावरण संरक्षण को साथ-साथ आगे बढ़ाने का उदाहरण प्रस्तुत करता है। उन्होंने सिक्किम को उसकी रणनीतिक महत्ता के कारण “राष्ट्र का प्रहरी” भी कहा।
‎राज्य के पर्यटन क्षेत्र और पर्यावरण अनुकूल पर्यटन पहलों की प्रशंसा करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि गंगटोक का एम जी मार्ग स्वच्छता और नागरिक प्रबंधन के मामले में देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने पर्यटकों से स्थानीय संस्कृति, परंपरा और स्वच्छता मानकों का सम्मान करने की अपील की। स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि व्यवहार परिवर्तन निरंतर जनभागीदारी और जागरूकता के माध्यम से धीरे-धीरे सामाजिक आदत बनता है।
‎उन्होंने रेलवे संपर्क विस्तार और पर्यटन अवसंरचना विकास सहित राज्य की संपर्क व्यवस्था की सराहना की और भविष्य में फिर से सिक्किम यात्रा की आशा व्यक्त की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने सिक्किमवासियों के शांतिपूर्ण, समृद्ध और प्रगतिशील भविष्य की कामना की।

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