कलकत्ता हाईकोर्ट ने जारी किया मामता काे अदालत की अवमानना का नोटिस
कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वार्षिक ‘शहीद दिवस’ कार्यक्रम से पहले पार्टी सुप्रीमो व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धर्मतला में सड़क रोककर कार्यक्रम आयोजित करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने दोनों शीर्ष नेताओं के खिलाफ अदालत की अवमानना मामले में नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
न्यायामूर्ति अरिजीत बनर्जी की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने यह कड़ा आदेश सुनाया। इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई अब आगामी ३ जुलाई को होगी।
क्या है पूरा मामला?
हर साल २१ जुलाई को तृणमूल कांग्रेस धर्मतला स्थित विक्टोरिया हाउस के सामने ‘शहीद दिवस’ मनाती है। यह दिन १९९३ में राइटर्स बिल्डिंग अभियान के दौरान पुलिस फायरिंग में मारे गए १३ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की याद में मनाया जाता है, जब ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष थीं। २०११ में राज्य की सत्ता में आने के बाद से तृणमूल के इस कार्यक्रम का आकार लगातार बढ़ता गया और पार्टी लंबे समय से धर्मतला की मुख्य सड़क पर ही यह विशाल सभा आयोजित करती रही है।
दरअसल, साल २०१८ में कलकत्ता हाईकोर्ट ने साफ आदेश दिया था कि किसी भी सरकारी या सार्वजनिक जगह (सड़क) को बंद कर सभा या जुलूस आयोजित नहीं किया जा सकता। आरोप है कि इस अदालती आदेश के बावजूद हर साल २१ जुलाई को धर्मतला में सड़क पूरी तरह बंद कर कार्यक्रम आयोजित किया जाता रहा। इसी उल्लंघन को लेकर अदालत में अवमानना याचिका दायर की गई थी, जिस पर अब हाईकोर्ट के नोटिस के बाद तृणमूल नेतृत्व पर कानूनी दबाव काफी बढ़ गया है।
इस बीच, राजनीतिक हलकों में इस साल के शहीद दिवस कार्यक्रम को लेकर पार्टी के अंदरूनी मतभेद की अटकलें भी तेज हैं। हालिया राजनीतिक बदलावों और संगठन में जारी उठापटक के बीच, इस बार का यह कार्यक्रम टीएमसी के लिए आंतरिक और बाहरी दोनों मोर्चों पर एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है।









