बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं से विकास को गति देने के लिए असम प्रतिबद्ध
शिलांग: मेघालय की राजधानी शिलांग में आज ‘उत्तर-पूर्वी राज्यों के विकास और उन्नति के लिए बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के उपयोग’ विषय पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। माननीय केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस अत्यंत फलदायी बैठक में उत्तर-पूर्वी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भाग लिया। असम के मुख्यमंत्री डाॅ. हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया और राज्य के विकास रोडमैप को साझा किया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री डॉ. सरमा ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में असम और पूरा उत्तर-पूर्व क्षेत्र आज बेहतर कनेक्टिविटी, सतत निवेश, शांति और आर्थिक प्रगति के माध्यम से भारत के विकास का एक प्रमुख इंजन (ड्राइविंग फ़ोर्स) बनकर उभरा है।
बाहरी सहायता प्राप्त परियोजनाओं के महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
”वर्तमान में असम में ईएपी के तहत कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है। इसके अंतर्गत बड़े पुलों, सड़क बुनियादी ढांचे, तटबंधों और आधुनिक अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है, जो राज्य के विकास को नई ऊंचाई दे रहे हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में असम सरकार अपनी संस्थागत क्षमता को और मजबूत करेगी तथा बहुपक्षीय विकास संस्थानों के साथ रणनीतिक साझेदारी को और बेहतर बनाएगी। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि असम सरकार बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सार्वजनिक सेवाओं में सुधार लाने और पूरे उत्तर-पूर्व में सतत विकास को गति देने के लिए ऐसे वैश्विक निवेशों का अधिकतम लाभ उठाने की दिशा में निरंतर काम करती रहेगी।









