पटना: बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार ने मंगलवार को अपने पद से आधिकारिक तौर पर इस्तीफा दे दिया है। ७५ वर्षीय कुमार ने राजभवन जाकर राज्यपाल सैयद अता हसनैन को अपना त्यागपत्र सौंपा। इसके साथ ही बिहार की राजनीति में लगभग बीस वर्षों से चला आ रहा ‘नीतीश युग’ समाप्त हो गया है।
नीतीश कुमार ने अपने खराब स्वास्थ्य और नई राजनीतिक भूमिका (राज्यसभा सदस्य) को देखते हुए यह निर्णय लिया है। अब वे दिल्ली की केंद्रीय राजनीति में सक्रिय होंगे। इस्तीफे से पहले उन्होंने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक में मंत्रिपरिषद को भंग करने का प्रस्ताव पारित किया।
भाजपा के नेतृत्व में नई सरकार
नीतीश के इस्तीफे के बाद अब बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार बनेगी। ८९ सीटों के साथ सबसे बड़े दल के रूप में उभरी भाजपा के नेता सम्राट चौधरी अगले मुख्यमंत्री होंगे। शपथ ग्रहण समारोह कल (३ मई) होने की संभावना है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की उम्मीद है।
’सुशासन बाबू’ की विदाई
२००५ से बिहार की कमान संभालने वाले नीतीश कुमार को ‘सुशासन बाबू’ के नाम से जाना जाता है। उनके कार्यकाल में साइकिल योजना, पंचायत चुनाव में ५०% आरक्षण और शराबबंदी जैसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “बिहार की सेवा करना मेरा सौभाग्य रहा, विकास की जो नींव हमने रखी है वह राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।”










