काठमांडू: नेपाली कांग्रेस के नेतृत्व चयन में देउवा पक्ष ने पुरानी प्रतिनिधि व्यवस्था को ही आगे बढ़ाया है। इसके तहत केंद्रीय नेताओं, सांसदों और स्थानीय निकायों के जनप्रतिनिधियों को अधिवेशन से निर्वाचित होकर आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे स्वतः महाधिवेशन प्रतिनिधि बन सकेंगे।
देउवा पक्ष ने 7 से 9 दिसंबर तक होने वाले 15वें महाधिवेशन के लिए यह व्यवस्था की है कि 14वें महाधिवेशन से निर्वाचित केंद्रीय पदाधिकारी एवं सदस्य, मनोनीत और आमंत्रित केंद्रीय सदस्य तथा प्रदेश अध्यक्ष स्वतः प्रतिनिधि बनेंगे। नेताओं के अनुसार, पार्टी सभापति को 300 प्रतिनिधियों को मनोनीत करने का अधिकार देने की व्यवस्था भी की गई है।
निर्वाचन समिति द्वारा जिला निर्वाचन अधिकारियों को भेजे गए पत्र के अनुसार, गाँवपालिका, नगरपालिका, उपमहानगरपालिका और महानगरपालिका के प्रमुख एवं उपप्रमुख, प्रदेशसभा सदस्य, प्रतिनिधिसभा सदस्य और राष्ट्रीयसभा सदस्य भी स्वतः महाधिवेशन प्रतिनिधि बनेंगे।
देउवा पक्ष द्वारा आगे बढ़ाई गई इस व्यवस्था से पार्टी के पदाधिकारियों, नेताओं और जनप्रतिनिधियों को महाधिवेशन प्रतिनिधि बनने के लिए अलग से चुनाव लड़ने की बाध्यता समाप्त हो गई है।
हालाँकि, गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस ने स्वतः प्रतिनिधि बनने की इस व्यवस्था को पहले ही समाप्त कर दिया है।
इससे कांग्रेस के दोनों पक्षों के बीच महाधिवेशन की प्रक्रिया और प्रतिनिधियों के चयन के मापदंडों में अंतर स्पष्ट दिखाई देता है।
देउवा पक्ष के महाधिवेशन से पहले वार्ड, पालिका, प्रदेशसभा निर्वाचन क्षेत्र, प्रतिनिधिसभा निर्वाचन क्षेत्र, जिला और प्रदेश स्तर के अधिवेशन आयोजित किए जाएंगे।





