पुलिस कमिश्नर को मिला हिरासत का अधिकार; सीजेपी प्रदर्शन से संबंध का पुलिस ने किया खंडन
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस कमिश्नर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत एहतियातन हिरासत में लेने का अधिकार फिर से ३ महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। यह अधिकार १९ जुलाई से १८ अक्टूबर २०२६ तक लागू रहेगा।
जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी छात्र आंदोलन के कारण यह फैसला लिए जाने के दावों को दिल्ली पुलिस ने पूरी तरह गलत और भ्रामक बताया है। पुलिस का कहना है कि यह हर ३ महीने में होने वाली एक नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया है। वर्तमान आदेश ७ जुलाई २०२६ को ही जारी कर दिया गया था, इसलिए इसका मौजूदा प्रदर्शन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
क्या है एनएसए और क्यों उठा विवाद?
राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए), १९८० के तहत देश की सुरक्षा या कानून-व्यवस्था के लिए खतरा बनने वाले व्यक्तियों को हिरासत में लिया जा सकता है। दिल्ली में उपराज्यपाल द्वारा पुलिस कमिश्नर को सीमित अवधि के लिए यह शक्तियां दी जाती हैं।
उल्लेखनीय है कि २० जून से परीक्षा में गड़बड़ी और पेपर लीक के विरोध में सीजेपी का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है। आंदोलन में कई छात्र संगठनों के जुड़ने के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की जा रही है। हाल के दिनों में प्रदर्शन के दौरान झडपों, आंसू गैस के गोलों और कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद किए जाने की घटनाएं भी सामने आई हैं।










