हिमालयी राज्य में नेपाली धुन से उभरती नई अर्थव्यवस्था
गंगटोक(देशबंधु विश्वामित्र): सिक्किम अपने पर्यटन की पहचान बदलने की तैयारी कर रहा है। पहाड़ों को देखने, तस्वीरें खींचने और वापस लौट जाने वाले पारंपरिक पर्यटन के बजाय अब सिक्किम राज्य लोगों को संगीत के लिए आमंत्रित करने, उन्हें अधिक दिनों तक ठहरने और राज्य के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण करने के लिए प्रेरित करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। लाइव संगीत को पर्यटन प्रोत्साहन का नया माध्यम बनाने की इस रणनीति से हिमालयी राज्य की अर्थव्यवस्था में नई गति आने की उम्मीद है।
इसी रणनीति के तहत नेपाल का चर्चित फोक रॉक बैंड नेपथ्य आगामी ३१ अक्टूबर को गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में प्रस्तुति देगा। आयोजकों ने इसे सिक्किम की राजधानी में नेपथ्य की पहली प्रस्तुति बताया है। ‘लेट्स गेट लाउड, सेलिब्रेट सिक्किम’ नाम से आयोजित इस कार्यक्रम को केवल एक संगीतमय शाम के रूप में नहीं, बल्कि कॉन्सर्ट पर्यटन की औपचारिक शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।
कार्यक्रम के प्रमुख संरक्षक एवं विधायक संजीत खरेल का कहना है कि उनकी इच्छा है कि लोग संगीत का आनंद लेने के लिए सिक्किम आएं, कुछ दिन यहां ठहरें और राज्य के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करें। उनका तर्क है कि कॉन्सर्ट में शामिल होने वाले दर्शक होटल, परिवहन, खरीदारी और पर्यटन स्थलों के भ्रमण पर खर्च करते हैं। इससे बड़े और छोटे, सभी तरह के स्थानीय व्यवसायियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।
यह सोच सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग गोले द्वारा आगे बढ़ाई जा रही कॉन्सर्ट अर्थव्यवस्था की अवधारणा से जुड़ी है। वे विकास और आर्थिक वृद्धि के लिए कॉन्सर्ट को एक प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर देते रहे हैं।
इसकी एक छोटी-सी झलक पिछले वर्ष भी देखने को मिली थी। पॉजिटिव वाइब्स एंटरटेनमेंट नेटवर्क ने पिछले वर्ष १५ नवंबर को गंगटोक में गायक सत्राज राज वैद्य का कॉन्सर्ट आयोजित किया था। आयोजक संस्था के संस्थापक निदेशक विकेश कायस्थ के अनुसार, उस कॉन्सर्ट को देखने के लिए सिक्किम के बाहर से दो हजार से अधिक दर्शक आए थे। उनके मुताबिक, इन दर्शकों के कारण स्थानीय बाजार में तीन करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार हुआ था। हालांकि, यह आंकड़ा आयोजकों का प्रारंभिक अनुमान है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सिक्किम की इस पहल की तुलना नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव से की जा सकती है। संस्कृति और लाइव संगीत किस तरह पर्यटकों को आकर्षित कर सकते हैं, इसका उदाहरण हॉर्नबिल महोत्सव पहले ही प्रस्तुत कर चुका है। सिलीगुड़ी के संगीत प्रेमी आशीष प्रधान, जो हॉर्नबिल महोत्सव में नियमित रूप से शामिल होते हैं, का मानना है कि रॉक संगीत ने युवा पीढ़ी के बीच अपनी लोकप्रियता बढ़ाई है। साथ ही, सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों को नागालैंड के बारे में और अधिक जानने के लिए प्रेरित करते हैं। सिक्किम भी अब इसी राह पर आगे बढ़ रहा है।
इस परिदृश्य में नेपाली बैंड और कलाकारों की उपस्थिति विशेष महत्व रखती है। वर्ष १९९० में स्थापित नेपथ्य ग्रामीण नेपाल की बोलियों और आदिवासी संगीत से प्रभावित समकालीन गीतों के लिए प्रसिद्ध है। गायक अमृत गुरुङ के नेतृत्व वाले इस बैंड की शुरुआती फोक-पॉप शैली बाद में रॉक संगीत की ओर मुड़ी। नेपाल में सशस्त्र संघर्ष के दौर में जारी उसके ‘घटना’ एल्बम ने शांति का संदेश दिया था।
ऐसे बैंड की सिक्किम में प्रस्तुति केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दोनों हिमालयी समाजों के बीच सांस्कृतिक सेतु का काम भी करती है। नेपाली भाषा और भावनाओं से गहरे रूप से जुड़ा सिक्किम नेपाली कलाकारों के आगमन से पर्यटन के क्षेत्र में एक भावनात्मक जुड़ाव भी महसूस करेगा।
अब सिक्किम केवल देखने की जगह नहीं, बल्कि संगीत सुनने, आनंद लेने और अनुभवों को जीने का गंतव्य बनता जा रहा है। यहां पर्यटन के विकास में संगीत की भूमिका लगातार निर्णायक होती जा रही है।





