बिर्तामोड़: विदेश में रोजगार का सपना दिखाकर सरकारी फैसलों और आधिकारिक दस्तावेजों का दुरुपयोग करते हुए नेपाली युवाओं से साढ़े ६ करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इजरायल में केयरगिवर की नौकरी दिलाने के नाम पर मंत्रिपरिषद की फर्जी कार्यसूची, फैसले और सरकारी मुहर तक का इस्तेमाल कर युवाओं को गुमराह किए जाने का खुलासा नेपाल पुलिस के केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीआईबी) की जांच में हुआ है।
जांच के अनुसार, वर्ष २०२४ में इजरायल में केयरगिवर के पदों के लिए आयोजित परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बावजूद प्रतीक्षा सूची में शामिल युवाओं को निशाना बनाया गया। पहले चरण में १५६ लोगों को इजरायल भेजने का आश्वासन देकर सरकारी स्तर पर काम कराने का भरोसा दिलाया गया और उनसे रकम वसूली गई।
पुलिस के मुताबिक, सरकारी फैसला होने का भ्रम पैदा करने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए। साथ ही, उच्च पदस्थ अधिकारियों से करीबी संबंध होने का दावा कर पीड़ितों का विश्वास जीतने की कोशिश की गई।
इस मामले में भरत चौलागाईं, बालिका शिवाकोटी, ज्ञानबहादुर कार्की, शिवराम श्रेष्ठ और विनिता खड़का समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, उनके खिलाफ लगे आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
सीआईबी में अब तक २२ लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है। उनसे कुल साढ़े ६ करोड़ रुपये की ठगी किए जाने का विवरण सामने आया है। बताया गया है कि एक व्यक्ति से ही ढाई करोड़ रुपये तक वसूले गए।
पुलिस ने ठगी के साथ-साथ आपराधिक लाभ और संगठित अपराध से संबंधित धाराओं में भी जांच शुरू की है। पीड़ितों की संख्या और ठगी की रकम बढ़ने की आशंका जताते हुए पुलिस ने अन्य पीड़ितों से भी शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।





