ऑस्ट्रेलिया और स्कॉटलैंड की जीत, स्विट्जरलैंड का निराशाजनक ड्रॉ

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नई दिल्ली: फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ स्कॉटलैंड ने जीत का स्वाद चखा, जबकि स्विट्जरलैंड को निराशाजनक ड्रॉ से संतोष करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने वर्ल्ड कप में प्रभावशाली शुरुआत करते हुए कनाडा के बीसी प्लेस वैंकूवर स्टेडियम में रविवार सुबह हुए मैच में तुर्की को २–० से पराजित किया। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मैच में नेस्टोरी इरानकुंडा और कॉनर मेटाकाल्फ ने एक–एक गोल किया। मैच में ३७ प्रतिशत पोजीशन के साथ खेलने वाली ऑस्ट्रेलिया के लिए २७वें मिनट में नेस्टोरी ने गोल का खाता खोला। तुर्की ने मध्यांतर (हाफ टाइम) से पहले पूरा प्रयास किया, लेकिन बराबरी हासिल नहीं कर सकी। इसके बाद ७५वें मिनट में ऑस्ट्रेलिया के कॉनर ने गोल करके स्कोर २–० पहुंचा दिया। मैच में ६३ प्रतिशत बॉल पजेशन रखकर खेलते हुए २८ बार विपक्षी पोस्ट पर हमला करने के बावजूद तुर्की गोल नहीं कर सकी। मैच में तुर्की को दो दर्जन से अधिक अवसर मिले थे, लेकिन टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी। इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ग्रुप डी में ३ अंकों के साथ गोल अंतर के आधार पर दूसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस ग्रुप में ३ अंक लेकर सह-मेजबान अमेरिका गोल अंतर के आधार पर शीर्ष स्थान पर है। तुर्की और पराग्वे की झोली खाली है।
​इसी बीच, २८ साल बाद फीफा वर्ल्ड कप खेल रही स्कॉटलैंड ने असाधारण शुरुआत की। अमेरिका के बोस्टन स्टेडियम में रविवार सुबह हुए मैच में स्कॉटलैंड ने हैती के खिलाफ १–० से जीत हासिल की। स्कॉटलैंड की जीत में जॉन मैक्गिन ने निर्णायक गोल किया। जॉन द्वारा २९वें मिनट में किया गया गोल ही स्कॉटलैंड के लिए निर्णायक साबित हुआ। स्कॉटलैंड के साथ बराबर बॉल पजेशन बनाने के बावजूद हैती गोल नहीं कर सकी। इस जीत के साथ स्कॉटलैंड ने ३ अंक लेकर ग्रुप सी में शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। इस ग्रुप में मोरक्को और ब्राजील के पास बराबर एक–एक अंक है। स्कॉटलैंड से पराजित हैती की झोली खाली है। स्कॉटलैंड ने इससे पहले आखिरी बार साल १९९८ में वर्ल्ड कप खेला था। इस प्रकार स्कॉटलैंड की वर्ल्ड कप में यह ३६ साल बाद पहली जीत भी है। इससे पहले आखिरी बार साल १९९० में स्कॉटलैंड ने स्वीडन को २-१ से पराजित किया था।
​वहीं, स्विट्जरलैंड और कतर के बीच खेला गया फीफा वर्ल्ड कप का पांचवां मैच १-१ से ड्रॉ रहा। कैलिफोर्निया के सैन फ्रांसिस्को बे एरिया स्टेडियम में ६७,९६६ दर्शकों के सामने खेले गए मैच के १७वें मिनट में ब्रील एम्बोलो ने पेनल्टी से गोल कर स्विट्जरलैंड को बढ़त दिलाई। पेनल्टी बॉक्स के भीतर कतर के गोलकीपर महमूद अबुनादा द्वारा विपक्षी खिलाड़ी को गिराने पर स्विट्जरलैंड को पेनल्टी मिली थी। उस मौके पर एम्बोलो ने आसानी से गोल कर दिया। मैच में ७० प्रतिशत पोजीशन के साथ खेली स्विस टीम ने उस बढ़त को मध्यांतर तक कायम रखा। दूसरे हाफ के मैच में भी स्विट्जरलैंड का वर्चस्व रहा और टीम ने दूसरे गोल की खोज में लगातार आक्रमण किया। मैच पूरी तरह से अपने नियंत्रण में रखने के बावजूद स्विट्जरलैंड दूसरा गोल हासिल नहीं कर सकी। दूसरा गोल न कर पाने के बावजूद एक समय स्विस टीम जीत के करीब पहुंच चुकी थी, लेकिन इंजरी टाइम में कतर का भाग्य चमक गया। मैच के ८८वें मिनट में मैदान पर उतरे सब्सटिट्यूट (स्थानापन्न) खिलाड़ी मीरो मुहीम ने इंजरी टाइम के चौथे मिनट में आत्मघाती (ओन) गोल कर दिया, जिससे कतर ने मैच बचा लिया और साथ ही महत्वपूर्ण १ अंक भी हासिल किया। कतर ने चार साल पहले अपने ही देश में हुए वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था और इस बार भी टीम पहले मैच में संघर्ष करती हुई दिखी।

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