नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने दुनियाभर में गंभीर आर्थिक असर डाला है और इसके कारण कई देशों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि वह पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते के लागू होने से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि दोनों देश बाकी मुद्दों को भी बातचीत के जरिए सुलझाते हुए एक स्थायी और अंतिम समझौते तक पहुंचेंगे। गौरतलब है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते से होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम होने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत ने भी लंबे समय से क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया है।
इसी बीच, पेपर लीक के कारण रद्द हुई नीट-यूजी की परीक्षा अब २१ जून को आयोजित की जाएगी, जबकि राज्य में नई सरकार का पहला बजट २२ जून को पेश किया जाएगा।









