अमेरिका और ईरान में शांति समझौते का एलान, होर्मुज़ स्ट्रेट समेत किन बातों पर बनी सहमति

b1d73dd1-dd53-400c-bfaf-4cfd019504b8

नई दिल्ली: ​फ़ारस की खाड़ी में जंग ख़त्म करने को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो गया है। बातचीत की मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ ने एक बयान जारी कर इसकी जानकारी दी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ईरान के साथ समझौते पर पहुंचने की बात कही है और ईरान के उप विदेश मंत्री ने भी समझौते की पुष्टि की है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और इटली के नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा है कि वे अमेरिका, ईरान और क्षेत्रीय साझेदारों के साथ मिलकर इस मौक़े का सदुपयोग करने के लिए काम करेंगे।
​ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी का कहना है कि क़तर के मध्यस्थों ने तेहरान में अमेरिका और ईरान के बीच एक ड्राफ्ट मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग पर सहमति बनाने के लिए क़रीब १४ से १५ घंटे तक लंबी बातचीत की। इस बातचीत की प्रक्रिया में काफ़ी समय लगा और ईरान तथा अमेरिका के बीच इस्लामाबाद मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग के मसौदे पर बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए रविवार को तेहरान में क़तर का एक प्रतिनिधिमंडल मौजूद था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ के अनुसार इस समझौते से लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान समाप्त हो जाएंगे और इस समझौते पर शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जब शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर हो जाएंगे तब तेल की आवाजाही फिर से निर्बाध रूप से शुरू हो जाएगी। ज्ञात हो कि अमेरिका और इसराइल ने २८ फ़रवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के ठिकानों पर हमले किए और तेल सप्लाई के अहम मार्ग होर्मुज़ स्ट्रेट को बंद कर दिया था।
​अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार इस मसौदे में लेबनान समेत सभी मोर्चों पर स्थायी युद्धविराम और अमेरिका की ओर से ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की प्रतिबद्धता शामिल है। इसके साथ ही ३० दिनों के भीतर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाना और ३० दिनों के भीतर ईरानी व्यवस्थाओं के तहत होर्मुज़ स्ट्रेट को फिर से खोलना तय हुआ है। समझौते के तहत अमेरिका और उसके सहयोगियों की ओर से ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर देने की योजना है और ईरानी तेल तथा ऊर्जा उत्पादों पर लगे प्रतिबंध समाप्त किए जाएंगे। इसके बदले में ईरान ने परमाणु हथियार नहीं बनाने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।

About Author

Advertisement