इंग्लैंड टेस्ट टीम के नए मुख्य कोच फ्लेमिंग, जो रूट फिर बने कप्तान

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लंदन: इंग्लैंड क्रिकेट में “बैज़बॉल” युग का अंत हो गया है। इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने पुरुष टेस्ट टीम का नया मुख्य कोच स्टीफन फ्लेमिंग को नियुक्त किया है, जबकि अनुभवी बल्लेबाज़ जो रूट को दूसरी बार पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान बनाया गया है।
बेन स्टोक्स के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने और उसके दो सप्ताह बाद ब्रेंडन मैक्कुलम के टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद छोड़ने के बाद दोनों पद खाली हो गए थे। अब मैक्कुलम केवल इंग्लैंड की वनडे और टी-२० टीम के मुख्य कोच के रूप में कार्य करेंगे, जबकि टेस्ट टीम की जिम्मेदारी फ्लेमिंग संभालेंगे।
दिलचस्प बात यह है कि फ्लेमिंग और मैक्कुलम दोनों ही न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। कोच के रूप में फ्लेमिंग का करियर बेहद सफल रहा है। उन्होंने हाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ अपनी १८ साल पुरानी यात्रा समाप्त की है। उनके मार्गदर्शन में सीएसके ने पाँच बार इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का खिताब जीता। इसके अलावा उन्होंने वर्ष २०२३ में द हंड्रेड टूर्नामेंट में सदर्न ब्रेव को भी फाइनल तक पहुंचाया था।
हालांकि फ्लेमिंग की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन पाकिस्तान के खिलाफ १९ अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट श्रृंखला में मार्कस ट्रेस्कोथिक अंतरिम मुख्य कोच की जिम्मेदारी निभाएंगे। फ्लेमिंग गर्मियों के अंत में इंग्लैंड पहुंचेंगे और दिसंबर में दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टीम की कमान संभालेंगे।
वहीं, जो रूट भी कप्तान के रूप में अपनी दूसरी पारी शुरू करने के लिए तैयार हैं। वर्ष २०१७ में एलिस्टर कुक के कप्तानी छोड़ने के बाद रूट को इंग्लैंड का पूर्णकालिक टेस्ट कप्तान बनाया गया था। उनकी कप्तानी में इंग्लैंड ने ६५ टेस्ट मैच खेले, जिनमें २७ में जीत, २७ में हार और ११ मैच ड्रॉ रहे।
वर्ष २०२२ में बेन स्टोक्स ने रूट की जगह टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। उसी दौर में स्टोक्स की कप्तानी और ब्रेंडन मैक्कुलम की कोचिंग में “बैज़बॉल” युग की शुरुआत हुई, जो आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए प्रसिद्ध था। शुरुआती सफलता के बावजूद समय के साथ यह रणनीति इंग्लैंड के लिए नुकसानदायक साबित होने लगी।
हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ ओवल टेस्ट के बाद टीम अनुशासन का उल्लंघन करने पर बेन स्टोक्स और गस एटकिंसन को एक-एक मैच के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद स्टोक्स ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी, जिससे कप्तानी का पद खाली हो गया। इसी कारण ईसीबी ने टेस्ट टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ी जो रूट को एक बार फिर कप्तान नियुक्त करने का फैसला किया।

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