ज्वेरेव और कोबोली पहुंचे फ्रेंच ओपन के फाइनल में, रविवार को खिताबी भिड़ंत

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पेरिस: पेरिस की लाल बजरी पर चल रहे फ्रेंच ओपन २०२६ से टेनिस प्रेमियों के लिए एक बड़ी खबर आ रही है। जर्मनी के स्टार टेनिस खिलाड़ी और टूर्नामेंट के सेकेंड सीड अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने अपने शानदार अनुभव का लोहा मनवाते हुए चेक रिपब्लिक के युवा सनसनी जेकब मेन्सिका का सफर सेमिफाइनल में ही थाम दिया। इसके साथ ही ज्वेरेव ने फ्रेंच ओपन के पुरुष एकल के फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है।
​टूर्नामेंट के इस पहले रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में ज्वेरेव ने मेन्सिक को ७-५, ६-२, ३-६, ६-३ से शिकस्त दी। यह ज्वेरेव के करियर का दूसरा फ्रेंच ओपन फाइनल होगा। अब रविवार को होने वाले महामुकाबले में उनका सामना इटली के फ्लावियो कोबोली से होगा, जिन्हें बिना पसीना बहाए ही फाइनल का टिकट मिल गया। दरअसल, कोबोली के प्रतिद्वंद्वी और उनके ही हमवतन मातेओ अर्नाल्डी वायरल इन्फेक्शन के कारण अस्वस्थ हो गए और कोर्ट पर नहीं उतर सके, जिसके चलते कोबोली को वॉकओवर मिल गया।
​विश्व रैंकिंग में तीसरे नंबर के खिलाड़ी ज्वेरेव इस समय अपने करियर के पहले ग्रैंड स्लैम खिताब की तलाश में जी-जान से जुटे हैं। इससे पहले वे तीन बार ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे तो जरूर, पर हर बार खिताब उनके हाथों से फिसल गया। इसमें साल २०२४ के फ्रेंच ओपन फाइनल में कार्लोस अल्काराज के हाथों मिली हार की टीस भी शामिल है। वहीं दूसरी ओर, इटली के कोबोली के लिए भी यह बेहद खास मौका है, क्योंकि वे पहली बार किसी ग्रैंड स्लैम के फाइनल में पहुंचे हैं।
​मैच के बाद ज्वेरेव ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “यह ग्रैंड स्लैम है और यहां पांच सेटों का लंबा मुकाबला होता है। खेल में उतार-चढ़ाव आना और प्रतिद्वंद्वी का पलटवार करना लाजिमी है। आज मैंने परिस्थितियों को बेहतर तरीके से संभाला और मुझे उम्मीद है कि रविवार को भी मैं अच्छा खेल दिखा पाऊंगा।”
​अनुभव के मामले में २९ वर्षीय ज्वेरेव अपने २० वर्षीय प्रतिद्वंद्वी मेन्सिक से काफी आगे दिखे। ज्वेरेव जहां अपने करियर का ११वां ग्रैंड स्लैम सेमीफाइनल खेल रहे थे, वहीं मेन्सिक पहली बार इस मुकाम तक पहुंचे थे। पहले सेट में दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन ११वें गेम में ज्वेरेव ने सर्विस ब्रेक करते हुए सेट ७-५ से अपने नाम कर लिया। दूसरा सेट भी उन्होंने आसानी से ६-२ से जीत लिया। तीसरे सेट के दौरान मेन्सिक ने गर्दन में तकलीफ के कारण मेडिकल टाइम-आउट लिया, और उसके बाद जोरदार वापसी करते हुए सेट ६-३ से जीतकर मैच में रोमांच भर दिया। हालांकि, चौथे सेट में वे अपनी लय बरकरार नहीं रख सके और उनकी गलतियों का फायदा उठाकर ज्वेरेव ने मैच अपने नाम कर लिया।
​टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही यानिक सिनर और नोवाक जोकोविच जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के बाहर हो जाने के बाद अब ज्वेरेव को खिताब का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है। दूसरी तरफ, विश्व रैंकिंग में १०४वें स्थान पर मौजूद मातेओ अर्नाल्डी के जादुई सफर का इस तरह बीमारी के कारण अंत होना फैंस के लिए थोड़ा निराशाजनक रहा, लेकिन इसका सीधा फायदा १०वीं वरीयता प्राप्त कोबोली को मिला और वे सीधे फाइनल में पहुंच गए। अब देखना होगा कि रविवार को पेरिस के कोर्ट पर अनुभव बाजी मारता है या फिर नया इतिहास बनता है।

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