नई दिल्ली: नीट-युजी २०२६ पेपर लीक और सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम ) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में जंतर-मंतर पर हुए बड़े प्रदर्शन के बाद ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (सिजेपि ) विवादों में आ गई है। संगठन पर विदेशी फंडिंग और कथित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है।
यह शिकायत उस समय सामने आई है जब सिजेपि के संस्थापक अभिजीत दीपके के नेतृत्व में हजारों छात्र, युवा पेशेवर और समर्थक शनिवार को जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवाओं ने पोस्टर और बैनर लेकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग उठाई।
आरोपों में कहा गया है कि अभिजीत दीपके, जो हाल ही में अमेरिका से लौटे हैं, के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान पर विदेशी फंडिंग का प्रभाव हो सकता है। हालांकि, संगठन की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
प्रदर्शन में जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हुए। उन्होंने पहले घोषणा की थी कि यदि ५ जून तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है तो वह आंदोलन का समर्थन करेंगे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील-
प्रदर्शन से पहले अभिजीत दीपके ने समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन करने की अपील की थी। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से पुलिसकर्मियों का फूल देकर स्वागत करने तथा किसी भी प्रकार के टकराव से बचने का आग्रह किया था।
दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, दिल्ली की सीमाओं तथा अन्य संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।
सूत्रों के अनुसार, नई दिल्ली सहित विभिन्न क्षेत्रों में १००० से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी निगरानी रखी गई।
इसके अतिरिक्त, प्रशासन ने कैब सेवाओं की गतिविधियों पर भी नजर रखी ताकि जंतर-मंतर की ओर किसी भी असामान्य आवाजाही का पता लगाया जा सके।
फिलहाल शिकायत के बाद मामला जांच के दायरे में है। अब यह देखना होगा कि जांच एजेंसियां इन आरोपों पर क्या निष्कर्ष निकालती हैं और सिजेपि की ओर से क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है।











