कोलकाता: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने उन तमाम मीडिया रिपोर्ट्स और अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सुप्रीमो ममता बनर्जी की ओर से लोकसभा सांसद युसूफ पठान को अपनी सीट छोड़ने का संदेश पहुंचाया है।
गांगुली ने कहा कि मीडिया में आ रहे ये दावे पूरी तरह से बिना तथ्यों की जांच किए और लापरवाही से प्रकाशित किए गए हैं। ममता बनर्जी की ओर से उन्हें कभी भी युसूफ पठान तक ऐसा कोई संदेश पहुंचाने के लिए नहीं कहा गया।
’राजनीति से मेरा कोई संबंध नहीं’
सफाई देते हुए पूर्व बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने स्पष्ट किया, “मेरा राजनीति से किसी भी स्तर पर कोई संबंध नहीं रहा है।”
दरअसल, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि विधानसभा चुनाव में हार के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अब बहरमपुर लोकसभा सीट से संसद जाने का रास्ता तलाश रही हैं। इसी सिलसिले में गांगुली के जरिए युसूफ पठान से सीट खाली कराने की चर्चाएं बाजार में गर्म थीं, जिसका अब गांगुली ने पूरी तरह खंडन कर दिया है।
याद दिला दें: पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान ने पिछले लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की बहरमपुर सीट पर कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को पटखनी देकर बड़ी जीत दर्ज की थी।
टीएमसी में बड़ा फेरबदल और सियासी हलचल
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में भारी उठापटक चल रही है। पार्टी के भीतर चल रही बगावत के बीच ममता बनर्जी ने संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। इस नए बदलाव के तहत चंद्रिमा भट्टाचार्य को प्रदेश अध्यक्ष की कमान सौंपी गई है, जबकि अभिषेक बनर्जी की टीम में डेरेक ओब्रायन और डोला सेन जैसे कद्दावर नेताओं को शामिल किया गया है।
इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच सौरव गांगुली की सुरक्षा घटाए जाने की खबर भी सामने आई है, जिसने सभी को हैरान कर दिया है।











