​१५ जून: मैग्ना कार्टा की मुहर से लेकर बेंजामिन की पतंग तक, इतिहास का वो दिन जिसने भूगोल और विज्ञान दोनों को बदल दिया

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नई दिल्ली: ​इतिहास सिर्फ तारीखों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह उन फैसलों और हादसों की कहानी है जिसने हमें आज इस मुकाम पर पहुंचाया है। १५ जून का दिन भी कुछ ऐसा ही है—सस्पेंस, रोमांच, विज्ञान की जादुई खोज और कुछ ऐसे ऐतिहासिक फैसले, जिन्होंने दुनिया का नक्शा ही बदल दिया। आइए जानते हैं आज के दिन की वो बड़ी बातें, जो आपको हैरान कर देंगी।
​ऐतिहासिक घटनाक्रम: जब दुनिया में मची हलचल~
​लोकतंत्र की पहली गूंज (१२१५): आज ही के दिन इंग्लैंड के राजा जॉन ने ‘मैग्ना कार्टा’ नामक ऐतिहासिक दस्तावेज पर अपनी मुहर लगाई थी। इसे दुनिया में इंसानी अधिकारों और लोकतंत्र की तरफ बढ़ाया गया पहला और सबसे मजबूत कदम माना जाता है।
​जब पतंग ने खोला बिजली का राज (१७५२): बेंजामिन फ्रैंकलिन ने आज ही के दिन आसमान में कड़कती बिजली के बीच पतंग उड़ाने का वो मशहूर प्रयोग किया था, जिसने साबित कर दिया कि आसमानी बिजली में भी करंट (इलेक्ट्रिसिटी) होता है। इसी प्रयोग से ‘लाइटनिंग रॉड’ का आविष्कार हुआ।
​कुदरत का कहर (१८९६): जापान के इतिहास का एक बेहद दर्दनाक दिन, जब समुद्र में उठी एक विनाशकारी सुनामी ने देखते ही देखते लगभग २२,००० लोगों को मौत की नींद सुला दिया।
​शेयर बाजार की शुरुआत (१९०८): भारतीय अर्थशास्त्र में आज का दिन बेहद खास है, क्योंकि आज ही के दिन ‘कलकत्ता स्टॉक एक्सचेंज’ की शुरुआत हुई थी।
​देश का बंटवारा (१९४७): नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस के अधिवेशन में आज ही के दिन ‘माउंटबेटन योजना’ यानी भारत के विभाजन को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दी गई थी। यह इतिहास का एक बेहद भावुक और बड़ा मोड़ था।
​फुटबॉल का नया दौर (१९५४): फुटबॉल प्रेमियों के पसंदीदा संगठन ‘यूनियन ऑफ यूरोपियन फुटबॉल एसोसिएशन’ (यूईएफए) का गठन आज ही के दिन हुआ था।
​बच्चों के मुफ्त दूध पर घमासान (१९७१): ब्रिटेन की संसद में स्कूलों में बच्चों को मुफ्त दूध देने की योजना को बंद करने का प्रस्ताव लाया गया। जनता के भारी विरोध के कारण इसे लागू करने में सरकार के पसीने छूट गए और यह सितंबर में जाकर लागू हो सका।
​अर्जेंटीना का सरेंडर (१९८२): फॉकलैंड युद्ध में अर्जेंटीना की सेना ने ब्रिटिश सेना के सामने घुटने टेक दिए और आत्मसमर्पण कर दिया।
​अंतरिक्ष में नासा की छलांग (१९८८): अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने अपना स्पेस व्हीकल ‘एस-२१३’ सफलतापूर्वक लॉन्च किया।
​कूटनीति और पर्यावरण पर कड़ा रुख (१९९४): एक तरफ इस्रायल और वैटीकन सिटी में राजनयिक संबंध स्थापित हुए, तो दूसरी तरफ अमेरिका ने एसिड रेन (अम्ल वर्षा) रोकने के लिए २६ यूरोपीय देशों और कनाडा के बीच हुए समझौते पर साइन करने से साफ मना कर दिया।
​मुस्लिम देशों का संगठन (१९९७): आठ मुस्लिम देशों ने मिलकर इस्तांबुल में एक नए संगठन ‘डी-८’ की नींव रखी।
​लाकरबी विमान हादसा (१९९९): इस कुख्यात विमान हादसे के लिए अमेरिका ने लीबिया पर मुकदमा चलाए जाने की आधिकारिक अनुमति दी।
​शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) का जन्म (२००१): बीजिंग में ‘शंघाई-पांच’ शिखर सम्मेलन संपन्न हुआ और यह संगठन ‘एससीओ’ में तब्दील हो गया। हैरान करने वाली बात यह थी कि तब भारत और पाकिस्तान दोनों को सदस्यता न देने का फैसला हुआ था।
​जी-८ देशों की बैठक (२००२): कनाडा के हैलीफैक्स में दुनिया के ताकतवर जी-८ देशों के वित्त मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हुई।
​बुश का फैसला और बिल क्लिंटन का जादू (२००४): अमेरिकी राष्ट्रपति बुश ने ब्रिटेन के साथ परमाणु सहयोग को हरी झंडी दी। इसी दिन पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की आत्मकथा ‘माई लाइफ़’ रिलीज होते ही बेस्ट सेलर बन गई।
​चीते से भी तेज रफ्तार (२००५): जमैका के फर्राटा धावक आसाफा पावेल ने एथेंस में महज ९.७७ सेकेंड में १०० मीटर की दौड़ पूरी कर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।
​सिल्क रूट खुला (२००६): भारत और चीन ने अपने रिश्तों को नया मोड़ देते हुए सदियों पुराना व्यापारिक ‘सिल्क रूट’ दोबारा खोलने का ऐतिहासिक फैसला लिया।
​सितारों की मौत का लाइव नजारा (२००८): ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने पहली बार अल्ट्रावायलेट प्रकाश का विस्फोट कर विशालकाय सितारों की अंतिम स्थिति को कैमरे में कैद किया।
​हाल के वर्षों के कुछ बड़े हादसे
​२०२३ (कुशीनगर अग्निकांड): उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक घर में लगी रहस्यमयी आग ने पूरे देश को दहला दिया, जिसमें एक ही परिवार के ६ लोग (१ महिला और ५ बच्चे) जिंदा जल गए।
​२०२४ (रुद्रप्रयाग हादसा): उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में एक मिनी बस अलकनंदा नदी में जा गिरी, जिससे १२ यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई।
​२०२५ (केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश): केदारनाथ धाम से लौट रहा एक हेलीकॉप्टर गौरीकुंड के जंगलों में क्रैश हो गया, जिसने तीर्थयात्रियों को गहरे शोक में डाल दिया।
​आज है इन महान हस्तियों का जन्मदिन~
​तारकनाथ दास (१८८४): भारत के वो महान क्रांतिकारी जो अमेरिका में रहकर ‘गदर आंदोलन’ के जरिए देश की आजादी के लिए लड़े।
​कृष्ण देव प्रसाद चौधरी (१८८८): हिंदी साहित्य के मशहूर कवि और लेखक।
​देवी प्रसाद राय चौधरी (१८९९): पद्म भूषण से सम्मानित भारत के बेहद प्रसिद्ध चित्रकार और मूर्तिकार।
​राजेन्द्र सिंहजी जडेजा (१८९९): भारतीय थल सेना के पहले थल सेनाध्यक्ष।
​श्रीमन्नारायण अग्रवाल (१९१२): जाने-माने साहित्यकार और जमनालाल बजाज के जमाई।
​सज्जाद हुसैन (१९१७): हिंदी सिनेमा के दिग्गज और सुरीले संगीतकार।
​सुरैया (१९२९): अपनी आवाज और अदाकारी से ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा के दौर में राज करने वाली मशहूर अभिनेत्री और गायिका।
​ज़िया फ़रीदुद्दीन डागर (१९३२): भारतीय शास्त्रीय संगीत के मशहूर ध्रुपद गायक।
​अण्णा हज़ारे (१९३७): गांधीवादी विचारधारा के वो समाजसेवक जिन्होंने देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ बहुत बड़ा आंदोलन खड़ा किया।
​लक्ष्मी मित्तल (१९५०): दुनिया भर में ‘स्टिल किंग’ के नाम से मशहूर भारतीय उद्योगपति।
​पुण्यतिथि: जिन्होंने आज दुनिया को अलविदा कहा~
​शिव दयाल साहब (१८७८): आध्यात्मिक चेतना जगाने वाले प्रसिद्ध संप्रदाय ‘राधा स्वामी सत्संग’ के संस्थापक।
​बलराम दास टंडन (२०१७): शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में अमिट छाप छोड़ने वाले देश के जाने-माने शिक्षाविद।

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