सिलीगुड़ी: डाक सेवाओं को अधिक आधुनिक और उपभोक्ता-अनुकूल (कस्टमर-फ्रेंडली) बनाने के लिए सिलीगुड़ी डाकघर में एक उन्नत डिजिटल कियोस्क शुरू किया गया है। उत्तर बंगाल में यह अपनी तरह की पहली सुविधा है, जिसका सोमवार को आधिकारिक तौर पर उद्घाटन किया गया।
पहले लोगों को पत्र, पार्सल और अन्य डाक सामग्री भेजने के लिए डाकघर के काउंटरों पर लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। लेकिन अब इस डिजिटल कियोस्क के आने से ग्राहक बुकिंग की पूरी प्रक्रिया खुद ही पूरी कर सकते हैं।
इस कियोस्क के माध्यम से ग्राहक जैसे ही अपनी डाक सामग्री मशीन में रखेंगे, वह स्वचालित (ऑटोमैटिक) रूप से उसका वजन माप लेगी। इसके बाद वजन के हिसाब से तय होने वाले डाक शुल्क का भुगतान ऑनलाइन किया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से संपन्न हो जाएगी।
डाक सेवा के निदेशक एम. सुधाकर माल्या ने कहा कि जनता के बहुमूल्य समय को बचाने और डाक सेवाओं को अधिक आसान, तेज़ और पारदर्शी बनाने के लिए इस डिजिटल कियोस्क की शुरुआत की गई है।
यह डिजिटल कियोस्क सेवा हर दिन सुबह ८ बजे से रात ८ बजे तक चालू रहेगी, जिससे ग्राहक इस दौरान कभी भी अपनी डाक सामग्री की ऑटोमैटिक बुकिंग कर सकेंगे।
इस सेवा की शुरुआत को लेकर जनता की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई ग्राहकों का कहना है कि इस सुविधा से उन्हें लंबी लाइनों से निजात मिलेगी और डाक बुकिंग का काम काफी तेजी से हो सकेगा।









