नई दिल्ली: फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने २०३० फीफा पुरुष वर्ल्ड कप में भाग लेने वाली टीमों की संख्या बढ़ाकर ६४ करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान २०२६ वर्ल्ड कप समाप्त होने के बाद फीफा की संबंधित समितियों के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी।
इन्फेंटिनो के अनुसार, विश्व के हर देश को वर्ल्ड कप में खेलने का सपना देखने का अवसर मिलना चाहिए क्योंकि इससे छोटे-छोटे देशों को भी अच्छा प्रदर्शन करने और फुटबॉल का स्तर ऊंचा करने की प्रेरणा मिलेगी।
इन्फेंटिनो ने एक साक्षात्कार में कहा:
”६४ टीमों के वर्ल्ड कप का मुद्दा निश्चित रूप से इस वर्ल्ड कप की समाप्ति के बाद संबंधित समितियों में चर्चा के लिए रखा जाएगा। हर देश के पास वर्ल्ड कप में खेलने का सपना देखने का अधिकार होना चाहिए। दुनियाभर में टीमों के स्तर में लगातार सुधार आ रहा है। छोटे देशों को वर्ल्ड कप में खेलने का मौका नहीं मिला, तो उनके पास आगे बढ़ने की प्रेरणा कम होगी।”
३२ से ४८, और अब ६४ की तैयारी
उल्लेखनीय है कि अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा के संयुक्त आयोजन में जारी फीफा वर्ल्ड कप २०२६ में पहली बार ४८ देशों ने हिस्सा लिया है। इससे पहले १९९८ से २०२२ तक वर्ल्ड कप में ३२ टीमें हिस्सा लेती थीं। फीफा अध्यक्ष ने ३२ से ४८ टीमों के विस्तार को पूरी तरह से सफल बताते हुए दावा किया कि यह फैसला फुटबॉल के वैश्विक विकास के लिए बहुत सकारात्मक साबित हुआ है।
उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में ६४ टीमों का प्रारूप लागू होने पर अधिक देशों को भागीदारी का अवसर मिलेगा, लेकिन इससे मैचों की संख्या, आयोजन और लॉजिस्टिक्स जैसी चुनौतियां भी बढ़ेंगी।
२०३० में ऐतिहासिक आयोजन
गौरतलब है कि २०३० फीफा वर्ल्ड कप कई दृष्टिकोणों से ऐतिहासिक होगा क्योंकि इस टूर्नामेंट का आयोजन तीन महाद्वीपों के ६ देशों में किया जाएगा। इसमें शामिल हैं:
उरुग्वे (शताब्दी समारोह का उद्घाटन मैच)
अर्जेंटीना
पराग्वे
मोरक्को
पुर्तगाल
स्पेन
ज्ञात हो कि १९३० में फीफा वर्ल्ड कप के पहले संस्करण का आयोजन उरुग्वे ने किया था।










