​विश्व कप की टीम ऑफ द टूर्नामेंट में फ्रांस और स्पेन के सर्वाधिक ३-३ खिलाड़ियों को जगह

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नई दिल्ली: फीफा ने विश्व कप २०२६ की टीम ऑफ द टूर्नामेंट (सर्वश्रेष्ठ एकादश) की घोषणा कर दी है। इस टीम में कई बड़े नाम शामिल हैं, जबकि कुछ फैसलों ने फुटबॉल प्रशंसकों को चौंकाया भी है। इंग्लैंड के स्ट्राइकर हैरी केन को इस टीम में जगह न मिलना सबसे बड़ा आश्चर्य रहा, जबकि केप वर्डे के अनुभवी गोलकीपर वोजिन्हा को उनके असाधारण प्रदर्शन का इनाम मिला है।
​विश्व कप विजेता स्पेन और चौथे स्थान पर रहने वाले फ्रांस के ३-३ खिलाड़ियों को इस टीम में स्थान मिला है, जबकि उपविजेता अर्जेंटीना के २ खिलाड़ियों को शामिल किया गया है।
​विश्व कप २०२६ में केप वर्डे ने अपने निडर प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण खेल दिखाया और ग्रुप चरण में एक भी मैच नहीं हारा। इसके बाद राउंड ऑफ ३२ में भी टीम ने अर्जेंटीना को कड़ी चुनौती दी, लेकिन अंत में हारकर विश्व कप से बाहर हो गई। केप वर्डे के ४० वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा ने पूरे टूर्नामेंट में कई शानदार बचाव (सेव) किए। उनके प्रदर्शन की तारीफ खुद लियोनेल मेसी ने भी की थी। सोशल मीडिया पर उन्हें काफी लोकप्रियता मिली और अब फीफा ने उन्हें टीम ऑफ द टूर्नामेंट में शामिल करके उनके प्रदर्शन का सम्मान किया है। टीम में जगह बनाने की दौड़ में वोजिन्हा ने स्पेन के उनाई सिमोन और इंग्लैंड के जॉर्डन पिकफोर्ड जैसे दिग्गज गोलकीपरों को पीछे छोड़ दिया।
​फीफा ने टीम की रक्षापंक्ति (डिफेंस) में स्पेन के मार्क कुकुरेला और पेड्रो पोरो को फुल बैक के रूप में चुना है। सेंटर बैक की बात करें तो स्पेन के युवा स्टार पाउ कुबार्सी को जगह नहीं मिल सकी। उनकी जगह फ्रांस के दायोत उपामेकानो और अर्जेंटीना के लिसैंड्रो मार्टिनेज को टीम में शामिल किया गया है।
​विश्व कप २०२६ के गोल्डन बॉल विजेता रोड्रि का चयन लगभग तय माना जा रहा था। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में स्पेन के मिडफील्ड को बेहतरीन तरीके से संभाला और टीम को चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके साथ इंग्लैंड के जूड बेलिंगम और फ्रांस के युवा स्टार माइकल ओलिस को भी टीम में जगह मिली है। दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
​फॉरवर्ड लाइन में सबसे ज्यादा चर्चा हैरी केन को जगह न मिलने को लेकर रही। इंग्लैंड के कप्तान होने के बावजूद वे फीफा की सर्वश्रेष्ठ टीम में जगह नहीं बना सके। उनकी जगह नॉर्वे के एर्लिंग हालैंड को सेंटर फॉरवर्ड चुना गया है। वहीं, दोनों विंग्स पर फ्रांस के किलियन एम्बाप्पे और अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनेल मेसी को शामिल किया गया है।
​कुल मिलाकर, स्पेन ने विश्व कप जीतने के साथ-साथ टीम ऑफ द टूर्नामेंट में भी सबसे गहरी छाप छोड़ी है। वहीं, केप वर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा का चयन इस विश्व कप की सबसे प्रेरणादायक कहानियों में से एक माना जा रहा है, जबकि हैरी केन को शामिल न करना चयनकर्ताओं के सबसे चर्चित फैसलों में शामिल हो गया है।

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