विदेशी नागरिकता लेने वाले १७ डॉक्टरों के लाइसेंस रद्द, नेपाल मेडिकल काउंसिल की बड़ी कार्रवाई

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काठमांडू: नेपाल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए उन १७ डॉक्टरों के मेडिकल लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जिन्होंने नेपाली नागरिकता त्याग कर विदेशी नागरिकता अपना ली है। काउंसिल द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इन डॉक्टरों का पंजीकरण रिकॉर्ड से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई नेपाल मेडिकल काउंसिल अधिनियम, नियमावली और देश के नागरिकता कानून के प्रावधानों के तहत की गई है, जो विदेशी नागरिकता प्राप्त करने वाले पेशेवरों के स्वतः पंजीकरण निलंबन का प्रावधान करते हैं।
​काउंसिल की इस सूची में डॉ. शर्मिला गुरुंग, डॉ. रोशन भुषाल, डॉ. मोति गुरुंग, डॉ. देवराज रेग्मी, डॉ. मेरिना गुरुंग, डॉ. निरंजनदेव पांडे, डॉ. रोजन केसी, डॉ. ममता गुरुंग, डॉ. राजीव हमाल, डॉ. सलुजा सिंह थारू, डॉ. सुजना केसी, डॉ. जोस्ना शाही, डॉ. मनीषा हमाल और डॉ. सुप्रिया शाक्य के नाम शामिल हैं। इनके अलावा डॉ. इच्छा नेउपाने, डॉ. दीपेन ढकाल और डॉ. तुषार सरवजना का लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है।
​मेडिकल काउंसिल के रिकॉर्ड के मुताबिक, इन चिकित्सकों ने भारत, ब्रिटेन, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और हांगकांग जैसे देशों की नागरिकता प्राप्त की है। नेपाल के मौजूदा कानून के तहत दोहरी नागरिकता का प्रावधान नहीं है, जिसके चलते विदेशी पासपोर्ट लेने के बाद इन डॉक्टरों का नेपाल में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस अवैध हो गया था। अब यदि ये डॉक्टर भविष्य में नेपाल में चिकित्सा सेवा देना चाहते हैं, तो उन्हें विदेशी नागरिक की श्रेणी में नई प्रक्रिया के तहत काउंसिल से अनुमति लेनी होगी। इस निर्णय के बाद अब ये डॉक्टर नेपाल के किसी भी अस्पताल या क्लिनिक में कानूनी रूप से मरीज नहीं देख पाएंगे।

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