लुसाने: भारत के दिग्गज भाला फेंक (जैवलिन थ्रो) एथलीट नीरज चोपड़ा और श्रीलंका के उभरते सितारे रमेश पथिरागे के बीच शुक्रवार को लुसाने डायमंड लीग में एक बार फिर मुकाबला होगा। इस दौरान नीरज की नज़र डायमंड लीग फाइनल में जगह बनाने पर होगी। ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेलों में पथिरागे ने स्वर्ण और नीरज ने रजत पदक जीता था। उसके तीन सप्ताह बाद ये दोनों खिलाड़ी एक बार फिर एक-दूसरे को चुनौती देने के लिए तैयार हैं। २३ वर्षीय पथिरागे इस सत्र में अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में हैं। उन्होंने दोहा और रोम डायमंड लीग में खिताब जीतने के साथ-साथ ग्लासगो में ८९.७५ मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया था। जून में रोम में ९२.६२ मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ वे ९० मीटर के आंकड़े को भी पार कर चुके हैं। श्रीलंकाई खिलाड़ी ने इस सत्र में जिन ९ प्रतियोगिताओं में भाग लिया है, उनमें से ८ में जीत दर्ज की है। वे डायमंड लीग फाइनल के लिए पहले ही क्वालीफाई कर चुके हैं। इसके विपरीत नीरज को पिछले वर्ष सितंबर से ही पीठ के निचले हिस्से की चोट से जूझना पड़ा। इसी कारण वे दोहा डायमंड लीग में आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सके थे। ग्लासगो में वे १०० प्रतिशत फिट न होने के बावजूद ८५.८३ मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक जीतने में सफल रहे थे। राष्ट्रमंडल खेलों के बाद २८ वर्षीय नीरज स्विट्ज़रलैंड गए थे, जहाँ वे अपने बचपन के कोच जयवीर चौधरी और फिजियो ईशान मारवाह के साथ अभ्यास कर रहे थे। वर्तमान ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम और जर्मनी के यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर के नाम वापस लेने से लुसाने डायमंड लीग का आकर्षण थोड़ा कम अवश्य हुआ है। त्रिनिदाद एवं टोबेगो के वर्तमान विश्व चैंपियन केशॉर्न वालकॉट और ग्रेनाडा के एंडरसन पीटर्स की उपस्थिति से प्रतियोगिता में रोमांच बना रहेगा। अमरीका के विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक विजेता कर्टिस थॉम्पसन और चेक गणराज्य के ओलंपिक रजत पदक विजेता जेकब वाडलेच भी इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले ९ खिलाड़ियों में शामिल हैं। नीरज के लिए सत्र के अंत में होने वाले डायमंड लीग फाइनल की रैंकिंग में आगे बढ़ने के लिए लुसाने की प्रतियोगिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। वे अभी ६ अंकों के साथ ७वें स्थान पर हैं। रैंकिंग में शीर्ष ६ खिलाड़ी ४ और ५ सितंबर को ब्रसेल्स में होने वाले डायमंड लीग फाइनल में भाग लेंगे। इसी कारण नीरज के लिए लुसाने का परिणाम बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।










