रूसी तेल पर प्रतिबंधों में अमेरिका ने १७ जून तक बढ़ाई छूट, राष्ट्रीय हित पर भारत का कड़ा रुख

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​नई दिल्ली: अमेरिका ने समुद्री परिवहन के जरिए आने वाले रूसी कच्चे तेल पर लगाए गए प्रतिबंधों से मिलने वाली छूट की अवधि को एक महीने के लिए और बढ़ा दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने सोमवार को एक आधिकारिक आदेश जारी करते हुए १७ अप्रैल या उससे पहले समुद्र में फंसे रूसी तेल के जहाजों पर पाबंदियों से राहत को १७ जून तक बढ़ा दिया है। वित्त मंत्रालय के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक, इससे पहले १६ मई को समाप्त हो चुके सामान्य लाइसेंस की जगह अब नया लाइसेंस प्रभावी कर दिया गया है। हालांकि, अमेरिका द्वारा जारी इस नए सामान्य लाइसेंस में ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा या यूक्रेन के कुछ हिस्सों से जुड़े किसी भी वित्तीय लेनदेन या संयुक्त उद्यम को मंजूरी नहीं दी गई है।
​दूसरी ओर, भारत ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर अपने इरादों को पूरी तरह साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। अमेरिकी प्रतिबंधों की समय-सीमा के बावजूद भारत ने रूस से कच्चे तेल का आयात जारी रखा है। पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारत की रूसी तेल खरीद कभी भी अमेरिकी छूट पर निर्भर नहीं रही है। उन्होंने कहा कि तेल खरीद का फैसला पूरी तरह से भारत की व्यापारिक जरूरतों और आर्थिक लाभ के आधार पर लिया जाता है और भारतीय रिफाइनरियां बाजार की हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा रूस से व्यापार बंद करने के लगातार बनाए जा रहे दबाव के बावजूद, भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा के मामले में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा।

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