​”मेधावी छात्र बंगाल में ही रहें”: मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी

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कोलकाता: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के मेधावी छात्रों से अपनी प्रतिभा का उपयोग बंगाल के विकास के लिए करने का आह्वान किया है। धनधान्य ऑडिटोरियम में स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित माध्यमिक, उच्च माध्यमिक, मदरसा और केंद्रीय बोर्डों के सफल छात्रों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और आज यूरोप के कई शीर्ष संस्थानों में यहाँ के लोग नेतृत्व कर रहे हैं। उच्च माध्यमिक परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले आदृत पाल से वीडियो कॉल पर की गई अपनी घोषणा को पूरा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन प्रतिभावान छात्रों का हौसला बढ़ाया।
​मुख्यमंत्री ने निजी शिक्षण संस्थानों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि वे फीस निर्धारण में संवेदनशीलता बरतें और ऐसा कुछ न करें जिससे साधारण परिवारों को कठिनाई हो और सरकार को असहज स्थिति का सामना करना पड़े। उन्होंने मूल्यांकन प्रक्रिया में भी निष्पक्षता और सावधानी बरतने की सलाह दी ताकि सरकारी स्कूलों के छात्रों के साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बनी रहे। राज्य को शिक्षा का केंद्र बनाने का संकल्प दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने ‘विवेकानंद मेरिट स्कॉलरशिप योजना’ शुरू करने की घोषणा की। इससे कुछ ही घंटे पहले राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने धर्म आधारित सहायता परियोजनाओं को बंद करने का एलान किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक शिक्षा में पैसा कभी बाधा नहीं बनेगा और सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू कर स्मार्ट क्लासरूम से लेकर तकनीकी शिक्षा तक में बड़े बदलाव करने जा रही है।
​इसी के साथ राज्य की राजनीतिक और शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर भी दो बड़ी घोषणाएं हुई हैं। पश्चिम बंगाल की नई सरकार आगामी २२ जून को अपना पहला बजट पेश करने जा रही है। वहीं दूसरी ओर, पेपर लीक विवाद के कारण रद्द की गई नीट-यूजी परीक्षा अब आगामी २१ जून को दोबारा आयोजित की जाएगी।

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