कोलकाता: ईस्ट बंगाल ने एडमंड लालरिंदिका की यादगार हैट्रिक की मदद से प्रतिष्ठित डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के १३५वें संस्करण में चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। रविवार को कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में खेले गए फाइनल में ईस्ट बंगाल नेचिर प्रतिद्वंद्वी मोहन बगान को ४-१ से पराजित किया। इसके साथ ही ईस्ट बंगाल ने २२ साल बाद एशिया के सबसे पुराने फुटबॉल टूर्नामेंट में चैंपियन का ताज पहना। इस तरह ईस्ट बंगाल ने टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे सफल टीमों में मोहन बगान की बराबरी कर ली। कोलकाता के इन दोनों क्लबों ने सर्वाधिक १७-१७ बार खिताब जीता है।
मैच में ईस्ट बंगाल ने शुरुआत में ही बढ़त हासिल कर ली। बिपिन सिंह ने १०वें मिनट में टीम के लिए गोल का खाता खोला। मोहन बगान के स्थिति संभालने से पहले ही एडमंड लालरिंदिका ने एक के बाद एक लगातार ३ गोल करके अपनी हैट्रिक पूरी की। उन्होंने मैच के १२वें, २२वें और ४४वें मिनट में गोल दागे। वहीं मोहन बगान की ओर से मनवीर सिंह ने ३३वें मिनट में गोल किया। इस प्रकार फाइनल के चारों गोल पहले हाफ के खेल में ही दर्ज हुए।
उल्लेखनीय है कि ईस्ट बंगाल ने अंतिम बार बाइचुंग भूटिया की अगुवाई में २००४ में डूरंड कप जीता था। उस समय भी टीम ने मोहन बगान को ही फाइनल में २-१ से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था। वहीं मोहन बगान ने भी अंतिम बार २०२३ में ईस्ट बंगाल को ही १-० से पराजित कर खिताब जीता था। डूरंड कप विजेता ईस्ट बंगाल को १.२१ करोड़ रुपये और उपविजेता मोहन बगान को ६० लाख रुपये का नकद पुरस्कार प्राप्त हुआ।









