नई दिल्ली: महिला आरक्षण से जुड़े संविधान (१३१वाँ संशोधन) विधेयक के पारित न होने के बाद कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संविधान की बड़ी जीत करार दिया।
प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी, लेकिन विपक्ष की एकजुटता ने इस रणनीति को विफल कर दिया। उनके अनुसार यह परिणाम न केवल संविधान बल्कि विपक्ष की शक्ति की भी जीत है।
प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के मुद्दे का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करना चाहती है। उन्होंने कहा कि यदि विधेयक पारित हो जाता तो सरकार इसका श्रेय लेती और यदि नहीं होता तो अन्य दलों को महिला विरोधी बताने का प्रयास करती।
केंद्र की नीतियों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हालिया निर्णयों में अंतरराष्ट्रीय दबाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। अमेरिका के साथ समझौते का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में कोई भी भारतीय प्रधानमंत्री ऐसी शर्तें स्वीकार नहीं करता।
महंगाई के मुद्दे पर भी उन्होंने सरकार को घेरा और कहा कि गैस, फल-सब्जियों तथा दैनिक उपयोग की वस्तुओं की बढ़ती कीमतों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं पर पड़ रहा है।
उन्होंने वर्तमान स्थिति को सरकार के लिए “काला दिन” बताते हुए कहा कि महिलाओं की समस्याएं और संघर्ष लगातार बढ़ रहे हैं। साथ ही उन्होंने मांग की कि वर्ष २०२३ में सर्वसम्मति से पारित विधेयक को तुरंत लागू किया जाए और महिलाओं को उनके अधिकार बिना किसी देरी के प्रदान किए जाएं।









