नई दिल्ली: कर्नाटक स्थित बैनरघट्टा जैविक उद्यान में शनिवार को दक्षिण अफ्रीका से चार चीते सफलतापूर्वक लाए गए, जिनमें दो मादा भी शामिल हैं। ये चीते तड़के लगभग एक बजकर पंद्रह मिनट पर केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे।
वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री ईश्वर खांद्रे ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया और अधिकारियों को तीस दिनों तक सख्त निगरानी, निर्धारित आहार और स्वास्थ्य परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उद्यान प्रशासन के अनुसार, यह पहल वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करने, बंदी आबादी में आनुवंशिक विविधता बढ़ाने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई है।
मंत्री ने कहा कि “सिवांगी” के नाम से पहचाने जाने वाले ये चीते अब कर्नाटक के जंगलों से समाप्त हो चुके हैं, ऐसे में जैविक उद्यान के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण अफ्रीका में स्थानांतरण से पहले चीतों की पूरी स्वास्थ्य जांच और पृथक निगरानी की गई थी तथा उन्हें भारत लाने के लिए सभी आवश्यक अनुमति ली गई।
फिलहाल चीतों को उद्यान में पृथक देखभाल केंद्र में रखा गया है। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें निर्धारित बाड़े में स्थानांतरित किया जाएगा, जहां आम लोग उन्हें देख सकेंगे।










