सिलीगुड़ी: महानंदा वन्यजीव अभयारण्य और इसके आस-पास के इको-सेंसिटिव जोन पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (ईएसजेड) के विषय में चर्चा करने के लिए आज सिलीगुड़ी में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। वन एवं पर्यावरण विभाग के मंत्री मनोज कुमार उरांव की अध्यक्षता में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में दार्जिलिंग के लोकसभा सांसद राजू बिष्ट सहित क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि और विभिन्न हितधारक उपस्थित थे। बैठक में पर्यावरण संरक्षण और सतत आर्थिक विकास दोनों को एक साथ आगे बढ़ाने के संतुलित दृष्टिकोण के साथ ईएसजेड की सीमा की समीक्षा करने पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
बैठक के बाद मीडिया को जानकारी देते हुए सांसद राजू बिष्ट ने कहा कि स्थानीय लोगों और पर्यावरण के हितों को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र की समीक्षा प्रक्रिया को तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा और इसे लेकर वे पूरी तरह आशान्वित हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास और पर्यावरण को एक-दूसरे का पूरक होना चाहिए और इस क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को प्रभावित किए बिना ही संरक्षण की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। इस बैठक में राज्य के पर्यटन मंत्री डॉ. शंकर घोष, गृह एवं स्वास्थ्य राज्य मंत्री आनंदमय बर्मन, विधायक शिखा चटर्जी के साथ-साथ जिला प्रशासन के उच्च अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।
पर्यावरण और विकास के बीच साझा संतुलन तलाशने के लिए आयोजित इस बैठक में पर्यावरणविदों, विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, पर्यटन व्यवसायियों, चाय उद्योग के हितधारकों और व्यापार संघों के प्रतिनिधियों ने भी अपने-अपने विचार और बहुमूल्य सुझाव प्रस्तुत किए। सभी सरोकार रखने वाले पक्षों की इस सक्रिय भागीदारी से उम्मीद की जा रही है कि यह बैठक आने वाले दिनों में महानंदा अभयारण्य के आस-पास के क्षेत्रों के सतत विकास और बेहतर प्रबंधन के लिए एक ठोस मार्ग प्रशस्त करेगी।





