भारत की आर्थिक सुरक्षा: पीएम मोदी की अपील और उद्योग जगत की ‘बदतर हालात’ की चेतावनी

14_54_105803983modi

नई दिल्ली: ​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से तेल और सोने के इस्तेमाल में कटौती करने की अपील के बाद भारत के आर्थिक और औद्योगिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री ने विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और कम से कम एक साल तक सोना न खरीदने का आह्वान किया है। इस अपील के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट किया कि देश के पास वर्तमान में कच्चे तेल का ६० दिनों और एलपीजी का ४५ दिनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, और सरकार ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
​हालांकि, भारत के दिग्गज उद्योगपति आने वाले समय को लेकर आशंकित नजर आ रहे हैं। कोटक महिंद्रा बैंक के उदय कोटक ने आगाह किया है कि मध्य-पूर्व के संकट का वास्तविक असर अब ईंधन की कीमतों पर दिखने वाला है, जिसका सीधा दबाव आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि देश को ‘बेहद खराब हालात’ के लिए मानसिक रूप से तैयार रहना चाहिए। वहीं, भारती एयरटेल के सुनील मित्तल ने प्रधानमंत्री के संदेश को गंभीर बताते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत पूरी तरह अछूता नहीं रह सकता, इसलिए सोने के आयात के प्रति जुनून छोड़कर रिन्यूएबल एनर्जी और घरेलू निवेश पर ध्यान देना समय की मांग है।
​स्वर्ण उद्योग के विशेषज्ञों ने भी इस पर मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। ज्वेलरी काउंसिल के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदने पर रोक को सही बताया, लेकिन साथ ही आगाह किया कि अगर गहनों की बिक्री पूरी तरह प्रभावित हुई, तो इस क्षेत्र से जुड़े करोड़ों लोगों के रोजगार पर संकट आ सकता है। जानकारों का मानना है कि प्रधानमंत्री की यह अपील किसी गहरे आर्थिक संकट की आहट हो सकती है, जिसके समाधान के लिए सरकार और जनता दोनों को मिलकर कदम उठाने होंगे।

About Author

Advertisement