नई दिल्ली: बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैम्पियनशिप २०२६ का आयोजन १७ से २३ अगस्त तक नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होगा। चैम्पियनशिप में भारत के शीर्ष शटलर हिस्सा ले रहे हैं। ओलंपिक में २ बार की पदक विजेता पीवी सिंधु के अनुसार, चैम्पियनशिप का आयोजन भारत में होना खास है। इसके साथ ही सिंधु ने उम्मीद जताई कि वह इस टूर्नामेंट में अपना २०१९ का प्रदर्शन दोहराने में सफल रहेंगी। सिंधु ने कहा, “विश्व चैम्पियनशिप का भारत में होना खास बात है। मैं उत्साहित और खुश हूँ। लंबे समय बाद चैम्पियनशिप का आयोजन भारत में हो रहा है। मैंने २०१९ में विश्व चैम्पियनशिप जीती थी। लगभग ७ साल बाद मुझे फिर से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। जापान ओपन ने मुझे आत्मविश्वास दिया है। मुझे विश्वास है कि मैं उस लय को बरकरार रख पाऊँगी। अभी सब कुछ ठीक है। मैं एक बार में एक मैच पर ध्यान दे रही हूँ और प्रतियोगिता शुरू होने का इंतजार कर रही हूँ। इसके अलावा हमें स्थानीय लोगों का समर्थन मिलेगा। मैं पदक जीतने की कोशिश करूँगी।”
बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन १७ साल बाद भारत में हो रहा है। दुनिया के शीर्ष बैडमिंटन खिलाड़ी प्रतिष्ठित खिताब के लिए दावेदारी पेश करेंगे। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम टूर्नामेंट के आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत ने इससे पहले २००९ में पहली बार बीडब्ल्यूएफ चैम्पियनशिप का आयोजन किया था। सात दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में ६४ पुरुष और ६४ महिला खिलाड़ी एकल वर्ग में हिस्सा लेंगे। इसी तरह तीन युगल वर्गों (महिला, पुरुष और मिश्रित) में ४८ जोड़ियाँ खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी। मैच १७ अगस्त से शुरू होंगे। पहले दिन पुरुष और महिला एकल ड्रॉ के ऊपरी आधे हिस्से के मैच खेले जाएँगे। भारत का विश्व चैम्पियनशिप में अच्छा रिकॉर्ड रहा है। देश ने १९८३ में पहली बार पदक जीता था, जब प्रकाश पादुकोण ने कांस्य पदक हासिल किया था। २०११ से भारत ने बीडब्ल्यूएफ विश्व चैम्पियनशिप के हर संस्करण में कम से कम एक पदक जीता है। लगातार ११ संस्करणों में भारत ने कुल १४ पदक जीते हैं। लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के मामले में सिर्फ चीन ही भारत से आगे है।










