बिना बहस विधेयक पारित करने पर संसद में प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार को घेरा

b0b6ef3d-305c-4ecc-b60f-e96fee306ddf

​नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे और वॉकआउट के बीच बिना किसी पर्याप्त चर्चा के महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराए जाने का आरोप लगाते हुए शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा, ‘वंदे मातरम’ और जन्म-मृत्यु पंजीकरण संशोधन विधेयकों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
​प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक में पेपर लीक करने वालों के खिलाफ १० साल की जेल और १० करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान तो है, लेकिन बड़े अधिकारियों और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने तथा प्रभावित छात्रों के मुआवजे या दोबारा परीक्षा कराने की स्पष्ट व्यवस्था इसमें गायब है।
​इसी तरह राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, २०२६ के तहत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालने पर ३ साल तक की सजा के प्रावधान को विपक्ष ने वैचारिक और धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। इसके अलावा, जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, २०२६ में यदि सूचना २ वर्ष के भीतर दर्ज नहीं होती है, तो न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी से आदेश लेने की अनिवार्यता को उन्होंने आम नागरिकों के लिए जटिल और खर्चीला करार दिया है।

About Author

Advertisement