नई दिल्ली: पाकिस्तान के स्टार बल्लेबाज बाबर आजम टेस्ट क्रिकेट में लगातार खराब फॉर्म और अपनी बल्लेबाजी तकनीक पर उठ रहे सवालों के बीच खोई हुई लय वापस पाने के लिए ७ साल बाद घरेलू प्रथम श्रेणी (फर्स्ट क्लास) क्रिकेट में वापसी कर रहे हैं। वह जारी प्रेसिडेंट्स ट्रॉफी ग्रेड-१ टूर्नामेंट में ऑयल एंड गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड (ओजीडीसीएल) की ओर से अतिथि खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरेंगे।
बाबर ने टेस्ट क्रिकेट में अपना आखिरी शतक दिसंबर २०२२ में न्यूजीलैंड के खिलाफ (१६१ रन) बनाया था। इसके बाद २०२३ की शुरुआत से टेस्ट क्रिकेट में उनका औसत महज ३०.४३ रहा है, जो उनके करियर औसत से १२.५५ प्रतिशत कम है। इस दौरान ३९ पारियों में वे केवल ८ अर्धशतक ही बना सके हैं। हालांकि, पिछले महीने वेस्टइंडीज दौरे के दूसरे टेस्ट में ८८ रन बनाकर उन्होंने टीम को जुलाई २०२३ के बाद विदेशी सरजमीं पर पहली जीत दिलाने और लगातार ८ टेस्ट हार के सिलसिले को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई थी।
बाबर ने आखिरी बार २०१९ में सेंट्रल पंजाब टीम की कप्तानी करते हुए कायद-ए-आजम ट्रॉफी का खिताब जीता था। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के समक्ष फिर से घरेलू क्रिकेट खेलने की इच्छा जाहिर करने के बाद उन्हें ओजीडीसीएल टीम में शामिल किया गया है। हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ ३-० की सीरीज हार के दौरान अंग्रेजी गेंदबाजों ने शॉर्ट बॉल का इस्तेमाल कर उन्हें काफी परेशान किया था। वरिष्ठ बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान फिलहाल आईसीसी टेस्ट रैंकिंग और विश्व टेस्ट चैंपियनशिप दोनों में ही ९वें (अंतिम) स्थान पर खिसक गया है।





