नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तीसरे चरण में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए अब स्नातक और स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्रों को भी इस योजना का हिस्सा बनने की अनुमति दे दी है। इस संशोधन से पहले केवल अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके युवा ही आवेदन के पात्र थे, लेकिन अब सरकार ने शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग के साथ परामर्श के बाद पात्रता के दायरे को बढ़ा दिया है ताकि छात्र डिग्री मिलने से पहले ही औद्योगिक अनुभव प्राप्त कर सकें। इस योजना के तहत चयनित होने वाले युवाओं को पूरे एक साल यानी १२ महीनों तक प्रति माह ९,००० रुपये का वजीफा दिया जाएगा और इसके साथ ही इंटर्नशिप की शुरुआत में ६,००० रुपये की एकमुश्त सहायता राशि भी प्रदान की जाएगी।
योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु १८ से २५ वर्ष के बीच होनी चाहिए और उनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही यह शर्त भी रखी गई है कि आवेदक के माता-पिता या पति-पत्नी में से कोई भी सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। इस योजना के माध्यम से युवाओं को देश की ५०० प्रतिष्ठित कंपनियों में काम सीखने का अवसर मिलेगा, जो उनके भविष्य के करियर के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक पीएमआईएस पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, हालांकि वर्तमान में पढ़ रहे छात्रों को अपने शैक्षणिक संस्थान से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना अनिवार्य होगा ताकि उनकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए।









