नई दिल्ली: एनआईए ने दिल्ली हाई कोर्ट में अलगाववादी नेता यासीन मलिक के दावों का विरोध करते हुए कहा है कि मलिक ने कश्मीर को भारत से अलग करने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से अपने संपर्कों का इस्तेमाल किया।
एनआईए ने मलिक की उम्रकैद को मृत्युदंड (फंसी) में बदलने की मांग की है। एजेंसी का तर्क है कि मलिक का आतंकी संगठनों और हाफिज सईद जैसे आतंकवादियों के साथ गहरा संबंध था। मलिक द्वारा पूर्व भारतीय प्रधानमंत्रियों के साथ काम करने के दावों को एनआईए ने केवल ‘हमदर्दी बटोरने की कोशिश’ करार दिया है।









