काेलकाता: पश्चिम बंगाल में चुनाव परिणामों के बाद संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने राज्य में अगले ६ महीनों तक केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती का बड़ा फैसला लिया है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ता को कलकत्ता हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है। अदालत में ‘सनातन संस्था’ द्वारा दायर याचिका में २०२१ की हिंसा का हवाला देकर केंद्रीय बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई थी जिस पर सुनवाई के दौरान आयोग के वकील ने कहा कि मतदान के बाद उनकी शक्तियां सीमित हो जाती हैं।
आयोग ने अदालत के फैसले से पहले ही सुरक्षा रणनीति साफ कर दी थी जिसके तहत राज्य में अर्धसैनिक बलों की करीब ५०० कंपनियां तैनात की जाएंगी। इनमें सबसे ज्यादा ४० कंपनियां कोलकाता में तैनात होंगी जबकि बैरकपुर में २८ और बीरभूम एवं डायमंड हार्बर जैसे संवेदनशील इलाकों में २० से ज्यादा कंपनियां तैनात रहेंगी। वहीं कालिम्पोंग में सबसे कम केवल १ कंपनी बल मौजूद रहेगा। चुनाव आयोग का मानना है कि परिणाम के बाद संवेदनशील इलाकों में तनाव बढ़ सकता है इसलिए शांति बनाए रखने के लिए पहले से ही ये कड़े इंतजाम किए गए हैं।










