सिक्किम को २०४७ तक ७० बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का मुख्यमंत्री का संकल्प
नई दिल्ली: सिक्किम के माननीय मुख्यमंत्री श्री प्रेम सिंह तमांग ने आज नई दिल्ली में नीति आयोग और पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्यमंत्रियों तथा मुख्य सचिवों के बीच आयोजित एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में भाग लिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री गोले ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए सिक्किम की प्रगति और भविष्य के लक्ष्यों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री गोले ने सिक्किम की हालिया ऐतिहासिक उपलब्धि ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित होने का गौरव साझा किया। इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, मानसिक स्वास्थ्य और ‘सिक्किम विजन २०४७’ के तहत सतत विकास के क्षेत्र में राज्य द्वारा की गई विभिन्न पहलों की जानकारी नीति आयोग के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि नवाचार, उद्यमिता और साक्ष्य-आधारित सुशासन के माध्यम से सिक्किम को 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का हमारा मुख्य लक्ष्य है। साथ ही सिक्किम को स्वास्थ्य सेवा, वेलनेस और हाई-वैल्यू टूरिज्म के क्षेत्र में एक अग्रणी वैश्विक गन्तव्य के रूप में स्थापित करने की आकांक्षा भी उन्होंने व्यक्त की।
राज्य की प्रमुख विकास प्राथमिकताओं पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने सड़क, हवाई, रेल और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार से सहयोग मांगा। इसके तहत उन्होंने पाकिम हवाई अड्डे पर नियमित उड़ान सेवाओं को फिर से शुरू करने, सिभोक-रांगपो रेल परियोजना को तेजी से पूरा करने और सिक्किम को राष्ट्रीय परिवहन नेटवर्क से पूरी तरह जोड़ने के लिए अपग्रेड हो रहे बागडोगरा हवाई अड्डे तक प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी को विस्तार देने की मांग दृढ़ता से उठाई।
इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने उत्तरी सिक्किम में जलवायु-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण की आवश्यकता, उत्तर-पूर्व औद्योगिक और निवेश संवर्धन नीति को वर्ष २०२७ के बाद भी बढ़ाने, सीमा व्यापार बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और राज्य के सामने आ रही जनसांख्यिकीय चुनौतियों पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। ‘विकसित भारत @२९४७’ के दृष्टिकोण के प्रति सिक्किम की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री गोले ने विश्वास व्यक्त किया कि भारत सरकार और नीति आयोग के निरंतर सहयोग से सिक्किम समावेशी और सतत विकास के एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में देश के नक्शे पर उभरेगा।










