कोलम्बो: भारत ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन अपनी पहली पारियों में ५ विकेट पर ३०० रन बनाए। दिन का खेल समाप्त होने तक ध्रुव जुरेल ७ और पदार्पण (डेब्यू) टेस्ट खेल रहे ऑलराउंडर सारांश जैन ४ रन पर नाबाद थे। आज पहले दिन के खेल में देवदत्त पडिक्कल का शतक मुख्य आकर्षण रहा, जिन्होंने लगातार दूसरा शतक जमाया। उन्होंने १९३ गेंदों का सामना कर १२ चौकों की मदद से ११७ रन बनाए। इसके अलावा कप्तान शुभमन गिल ने भी अर्धशतक (५०) जड़ा।
ओपनर यशस्वी जायसवाल ने ४५ और रवींद्र जडेजा ने ४३ रनों का योगदान दिया। श्रीलंकाई गेंदबाजों में असिथा फर्नांडो ने सर्वाधिक ३ विकेट हासिल किए। इसके अलावा लाहिरू कुमारा और केशरा नुवांथा ने भी १-१ विकेट लिया।
मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और केएल राहुल केवल १८ रन बनाकर कुमारा का शिकार बने। इस तरह ३७ रन पर पहला विकेट गिरने के बाद पडिक्कल ने यशस्वी जायसवाल के साथ मिलकर स्कोर ६६ रन तक पहुँचाया। जायसवाल ने फर्नांडो की गेंद पर बोल्ड होने से पहले ५३ गेंदों में ४५ रन बनाए, जिसमें ९ चौके शामिल हैं।
जायसवाल के आउट होने के बाद पडिक्कल को कप्तान शुभमन गिल का शानदार साथ मिला। इन दोनों ने तीसरे विकेट के लिए १२० रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी की। कप्तान गिल अर्धशतक पूरा करने के साथ ही आउट हो गए, उन्होंने १०८ गेंदे खेलकर ६ चौके लगाए।
गिल के आउट होने के बाद क्रीज पर आए पंत ने पडिक्कल का साथ देते हुए अच्छी शुरुआत की, लेकिन ३ रन के निजी स्कोर पर रिटायर्ड हर्ट हो गए। दरअसल, लाहिरू कुमारा की शॉर्ट बॉल पर पुल करने के प्रयास में गेंद उनकी बाईं हाथ में लग गई। पंत के मैदान छोड़ने के बाद पडिक्कल ने जडेजा के साथ मिलकर रन बनाना जारी रखा। इस दौरान पडिक्कल ने अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया। उन्होंने जडेजा के साथ मिलकर स्कोर को २८१ रन तक पहुँचाया।
आत्मविश्वास के साथ खेल रहे पडिक्कल अंततः नुवांथा का शिकार बने। भारत ने दिन के अंतिम विकेट के रूप में जडेजा को खोया। जडेजा ने ८३ गेंदे खेलकर ४ चौकों की मदद से ४३ रन बनाए।









