पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में समिति गठित
सिलीगुड़ी: दार्जिलिंग पहाड़ियों, तराई और डुअर्स क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षाओं और मांगों के समाधान के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में सिलीगुड़ी में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की गरिमामयी उपस्थिति में हुई इस बैठक में क्षेत्र के न्यायसंगत, स्थायी और सम्मानजनक समाधान के लिए व्यावहारिक और ठोस कदमों पर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन मुद्दों के समाधान के लिए भारत सरकार की दृढ़ और अटूट प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक और दूरदर्शी नेतृत्व में क्षेत्र के लोगों की वैध आकांक्षाओं को पूरा करने और एक सार्थक राजनीतिक समाधान खोजने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि स्थायी राजनीतिक समाधान (पीपीएस) भारतीय संविधान के दायरे में रहकर ही निकाला जाएगा, जिससे क्षेत्र की समृद्ध पहचान, संस्कृति और आकांक्षाओं का संरक्षण हो सके।
इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने पंकज कुमार सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जो प्रस्तावित समाधान का व्यापक ढांचा (फ्रेमवर्क) तैयार करेगी। इस कदम को दशकों की अनिश्चितता को समाप्त कर क्षेत्र में स्थायी शांति, राजनीतिक स्थिरता और सामाजिक सद्भाव स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति माना जा रहा है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में दार्जिलिङ के सांसद राजू बिष्ट, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक महेश दीक्षित, वार्ताकार पंकज कुमार सिंह, पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव मनोज कुमार अग्रवाल, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता, स्थानीय सांसद, विधायक और गोरखा राजनीतिक नेता उपस्थित थे। सभी हितधारकों की इस भागीदारी ने एक न्यायसंगत और स्थायी समाधान तक पहुँचने के साझा संकल्प को दर्शाया है।










