नई दिल्ली: भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने श्रीलंका दौरे पर अपनी गेंदबाजी में आई कमी का कारण बताया है। सिराज का दावा है कि २ महीने के लंबे ब्रेक के बाद सीधे मैच में उतरने के कारण उनकी लय बिगड़ गई थी। इस बीच दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पैल में गेंदबाजी करने के बाद उन्हें अपनी पुरानी लय और गति हासिल होने का अनुभव हुआ। श्रीलंका के खिलाफ २ टेस्ट मैचों की सीरीज में सिराज अपनी सामान्य गति से गेंदबाजी नहीं कर सके थे। वे आमतौर पर १४० किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी करते हैं, लेकिन श्रीलंका में उन्हें अधिकांश समय लगभग १२० किमी प्रति घंटे की गति से गेंदबाजी करते देखा गया था। चार पारियों में ४४ ओवर गेंदबाजी करने के बावजूद वे बल्लेबाजों को ज्यादा परेशान नहीं कर सके थे।
सिराज के अनुसार, श्रीलंका दौरे पर जाने से पहले वे लगभग २ महीने क्रिकेट से दूर थे। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट ८ जून को समाप्त होने के बाद उन्होंने ब्रेक लिया था। इसके बाद ७ अगस्त से श्रीलंका दौरे की शुरुआत हुई थी। इस बारे में सिराज ने कहा, “२ महीने के ब्रेक के बाद सीधे मैदान पर उतरने से मेरी लय सही नहीं थी। मैं पूरी तरह से लय पर निर्भर रहने वाला गेंदबाज हूँ। लय सही न होने पर मैं क्रीज पर पूरी ताकत के साथ गेंदबाजी नहीं कर पाता। इसके अलावा श्रीलंका में मेरा रन-अप भी सहज नहीं था। कुछ कदम छोटे तो कुछ लंबे हो रहे थे। उससे मेरी लय बिगड़ गई और मेरी गति पर असर पड़ा।”
दलीप ट्रॉफी के फाइनल में दक्षिण क्षेत्र से खेलते हुए सिराज ने पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ कुल ४१ ओवर गेंदबाजी की। चेपॉक की गर्मी में लंबे स्पैल में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता, लेकिन उसी मैच ने सिराज को लय हासिल करने में मदद की। सिराज ने बताया कि श्रीलंका में दूसरे टेस्ट मैच के दौरान टीम ने लगभग साढ़े तीन दिन फील्डिंग की थी और उसके एक हफ्ते के भीतर चेन्नई में दलीप ट्रॉफी खेलनी पड़ी। सिराज ने कहा, “परिस्थितियां भले ही कितनी भी चुनौतीपूर्ण हों, देश के लिए खेलते समय कोई बहाना नहीं बनाया जा सकता। आपको अपनी टीम और देश के लिए पूरा प्रयास करना पड़ता है।”
दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में सिराज काफी महंगे साबित हुए। उन्होंने २५ ओवर में १४० रन दिए और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। हालांकि सिराज इसे लेकर ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैच में मेरी मेहनत विकेट के रूप में नहीं दिखी, लेकिन इससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में जरूर फायदा होगा। दलीप ट्रॉफी में खेलने के पीछे मेरा लक्ष्य विकेटों की संख्या बढ़ाना नहीं था। मैं केवल अपनी गेंदबाजी में लय हासिल करना चाहता था।”
३२ वर्षीय सिराज ने बताया कि उनका शरीर लंबे समय तक गेंदबाजी करने का आदी है और लंबे ब्रेक के बाद उन्हें इसी तरह की मेहनत की जरूरत थी। उन्होंने कहा, “मैच में १०-११ ओवर के लंबे स्पैल में गेंदबाजी करने से मेरा शरीर तेज गेंदबाजी के हिसाब से तैयार हुआ। लय हासिल करने के लिए लंबे स्पैल में गेंदबाजी करना जरूरी होता है। दो महीने के ब्रेक के बाद शरीर थोड़ा सुस्त महसूस हो रहा था, लेकिन दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पैल के बाद मुझे स्ट्राइड और रन-अप में फिर से स्वाभाविक अनुभव होने लगा।”
उल्लेखनीय है कि दलीप ट्रॉफी मैच के दौरान सिराज को अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के साथ समय बिताने का मौका मिला। शमी पूर्वी क्षेत्र से खेल रहे थे और उन्होंने भी सिराज का हौसला बढ़ाया। शमी ने कहा, “पहली पारी में सिराज अपनी स्वाभाविक लय में नहीं दिख रहे थे। मैंने उन्हें अपनी खूबियों पर दोबारा ध्यान देने की सलाह दी। रन-अप और लय सही होने पर लाइन और लेंथ खुद-ब-खुद ठीक हो जाती है। सिराज को लंबे स्पैल में गेंदबाजी करके लय हासिल करने में काफी फायदा हुआ।”





