तीरंदाजी में २ स्वर्ण पदक, साहिल राजेश और चिकिथा ने हासिल किया ओलंपिक कोटा

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​नई दिल्ली: भारत के लिए एशियाई खेल २०२६ में बुधवार की सुबह खास रही। भारतीय तीरंदाजों ने कुछ ही घंटों के भीतर २ स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। पहले महिला कंपाउंड टीम ने चीन को पराजित कर स्वर्ण पदक जीता और कुछ समय बाद मिश्रित कंपाउंड टीम ने दक्षिण कोरिया को रोमांचक शूट-ऑफ में पराजित कर स्वर्ण पदक हासिल किया। साहिल राजेश जाधव और चिकिथा तनिपर्थी की भारतीय जोड़ी ने १५७-१५७ की बराबरी के बाद शूट-ऑफ में दक्षिण कोरिया को २०-१९ से पराजित किया। इस जीत के साथ दोनों ने २०२८ लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए भी क्वालीफाई कर लिया।
​दिन की शुरुआत भारत के लिए महिला कंपाउंड टीम के स्वर्ण के साथ हुई। ज्योति सुरेखा, पृथिका प्रदीप और चिकिथा तनिपर्थी की भारतीय टीम ने फाइनल में चीन को विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। भारत ने फाइनल में २३८ अंक जुटाए जबकि चीन २३४ अंक ही बना सका।
​इसके कुछ घंटों बाद चिकिथा फिर से स्वर्ण पदक की लड़ाई में उतरीं। इस बार उनके साथी साहिल राजेश जाधव थे और प्रतिद्वंद्वी टीम दक्षिण कोरिया थी। भारत और दक्षिण कोरिया के बीच फाइनल शुरुआत से ही रोमांचक रहा। चार राउंड और १६ शॉट्स के बाद दोनों टीमों का स्कोर १५७-१५७ की बराबरी पर रहा। भारतीय जोड़ी ने शुरुआत में बढ़त हासिल की, लेकिन खेल के दूसरे हिस्से में दक्षिण कोरियाई टीम ने वापसी की। चौथे तथा अंतिम राउंड में कोरियाई टीम ने ४० अंक हासिल किए जबकि भारतीय टीम ३९ अंक ही बना सकी, जिससे स्कोर बराबरी पर पहुंच गया।
​इसके बाद विजेता का फैसला शूट-ऑफ द्वारा किया गया। शूट-ऑफ में पहले चिकिथा ने सटीक निशाना लगाकर परफेक्ट १० अंक हासिल किए। इसके बाद दक्षिण कोरिया की तीरंदाज ने भी १० अंक के साथ जवाब दिया। फिर पुरुष तीरंदाजों की बारी आई और राजेश जाधव ने भी परफेक्ट १० पर निशाना लगाया। दक्षिण कोरिया को खेल में बने रहने के लिए १० अंक की आवश्यकता थी, लेकिन टीम के पुरुष तीरंदाज का तीर ९ अंक पर लगा। इस तरह भारत ने शूट-ऑफ २०-१९ से जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किया।
​इसके साथ ही राजेश और चिकिथा ने २०२८ लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए कोटा भी हासिल कर लिया। इस प्रकार भारतीय जोड़ी ने देश को स्वर्ण पदक के साथ-साथ ओलंपिक कोटा भी दिलाया। कंपाउंड तीरंदाजी को २०२८ लॉस एंजिल्स ओलंपिक में पहली बार शामिल किया गया है।
​इससे पहले चिकिथा तानिपर्थी, पृथिका प्रदीप और ज्योति सुरेखा वेन्नम की भारतीय महिला टीम ने ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में चीन को २३८-२३४ से पराजित कर स्वर्ण पदक जीता। भारत का २३८ का स्कोर महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में नया विश्व रिकॉर्ड है। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को पराजित किया था। इस तरह भारतीय महिला कंपाउंड टीम ने एशियाई खेलों के अपने स्वर्ण पदक की सफलतापूर्वक रक्षा की।
​भारत ने २०२३ हांगझोउ एशियाई खेलों में तीरंदाजी में रिकॉर्ड ९ पदक जीते थे, जिसमें ५ स्वर्ण, २ रजत और २ कांस्य पदक शामिल थे। तीरंदाजी में बुधवार को २ स्वर्ण पदकों के साथ जारी एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर ८ पहुंच गई है।

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