*नई दिल्ली: हवाई यात्रा के दौरान पावरबैंक ले जाना आजकल यात्रियों के लिए आम बात हो गई है। मोबाइल फोन की बैटरी समाप्त होने पर पावरबैंक काफी उपयोगी साबित होता है। हालांकि, अब एक विशेष मॉडल का पावरबैंक हवाई यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।
नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मोबिकिन्स एमके-पीबी-०४ पावरबैंक को भारत आने-जाने वाली तथा देश के भीतर संचालित होने वाली सभी यात्री और मालवाहक उड़ानों में ले जाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह निर्णय विमान में आग लगने की हालिया घटना के बाद यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
दरअसल, ग्यारह अक्टूबर को दिल्ली से चेन्नई जा रही इंडिगो की एक उड़ान में एक यात्री के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण में आग लगने की घटना हुई थी। इसके बाद विमान का मार्ग बदलकर उसे हैदराबाद की ओर मोड़ना पड़ा। इस घटना ने एक बार फिर उड़ान के दौरान लिथियम-आयन बैटरी वाले उपकरणों से उत्पन्न होने वाले संभावित खतरों को उजागर किया है।
डीजीसीए ने विमानन कंपनियों और यात्रियों को निर्देश दिया है कि उक्त मॉडल के पावरबैंक को विमान में किसी भी रूप में न ले जाया जाए। इस प्रतिबंध का उद्देश्य उड़ान के दौरान आग लगने जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा से पहले अपने पावरबैंक के मॉडल की जांच कर लें और विमानन सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करें।





