स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान शांति वार्ता अधर में लटकी
बर्जेनस्टॉक (स्विट्जरलैंड): पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव को शांत करने के उद्देश्य से स्विट्जरलैंड के बर्जेनस्टॉक में शुरू हुई अमेरिका-ईरान शांति वार्ता पहले ही दौर में खटाई में पड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीखी धमकी के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल वार्ता बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गया। ईरानी वार्ता दल के अनुसार, जब तक लेबनान में इजरायली युद्ध समाप्त नहीं होता, तब तक अन्य किसी भी मुद्दे पर बातचीत आगे नहीं बढ़ाई जाएगी।
डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बातचीत में ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को बंद किया गया, तो ईरानी अधिकारी अपने देश वापस नहीं लौट पाएंगे। ट्रंप ने यह भी कहा कि वैश्विक समुद्री ट्रैफिक की सुरक्षा के लिए वाशिंगटन सीधे होर्मुज जलडमरूमध्य का ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में ले सकता है और वहां से गुजरने वाले तेल जहाजों से टोल वसूल सकता है।
कतर और पाकिस्तान कर रहे हैं मध्यस्थता
रविवार को शुरू हुई इस हाई-प्रोफाइल वार्ता में कतर और पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इस वार्ता में अमेरिका का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान का नेतृत्व संसद अध्यक्ष एमबी गलीबाफ कर रहे हैं। बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कतर के प्रधानमंत्री, पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्तर्राष्ट्रिय आणविक ऊर्जा एजेन्सी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रोसी भी वहां मौजूद हैं।
वैश्विक बाजार और इजरायली हमला
वार्ता विफल होने की आशंका और होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण खाड़ी देशों के शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई है, और सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने की आशंका है। इस बीच, इजरायल ने लेबनान पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं और दक्षिणी लेबनान तथा बेरूत में भारी बमबारी जारी है, जिससे स्थिति और अधिक विस्फोटक हो गई है।










