गर्मियों में आंखों के सामने अंधेरा छाना या बेहोशी की समस्या: कारण और बचाव के उपाय

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​चिलचिलाती गर्मी में अक्सर कई लोग आंखों के सामने अचानक अंधेरा छाने या चक्कर आने की शिकायत करते हैं। ज्यादातर लोग इसे केवल लो ब्लड प्रेशर (लो बीपी) समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह सिर्फ लो बीपी के कारण नहीं होता। इसके पीछे कई अन्य महत्वपूर्ण वजहें भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मियों के दौरान ब्लैक आउट या सिनकोप (मूर्छा) होने के मुख्य कारण और उनसे बचने के उपाय इस प्रकार हैं:
​गर्मियों में ब्लैक आउट होने के मुख्य कारण
​डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी): गर्मी के दिनों में तेज तापमान के कारण अत्यधिक पसीना निकलता है, जिससे शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर हो जाते हैं। यदि समय पर इनकी पूर्ति न की जाए, तो ब्लड वॉल्यूम कम हो जाता है और ब्लड प्रेशर गिर जाता है। इससे दिल के लिए मस्तिष्क तक पर्याप्त खून पहुंचाना मुश्किल हो जाता है, जिससे चक्कर आने या बेहोशी की स्थिति बन जाती है। कम और गहरे पीले रंग का पेशाब आना डिहाइड्रेशन का मुख्य संकेत है।
​हीट सिनकोप: जब शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, तो यह खुद को ठंडा करने के लिए एक कूलिंग मैकेनिज्म शुरू करता है। इस प्रक्रिया में त्वचा के पास की रक्त वाहिकाएं (ब्लड वेसल्स) फैल जाती हैं, जिससे खून पैरों और त्वचा की तरफ जमा होने लगता है। इसके कारण ब्लड प्रेशर अचानक गिर जाता है और मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाती, जिससे आंखों के आगे अंधेरा छा जाता है।
​हीट स्ट्रोक (लू लगना): जब शरीर का तापमान नियंत्रित करने वाला सिस्टम पूरी तरह फेल हो जाता है, तो हीट एग्जॉशन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर और जानलेवा स्थिति पैदा हो सकती है। यह स्थिति ब्रेन डिस्फंक्शन, कंफ्यूजन और अचानक बेहोशी का कारण बन सकती है।
​अन्य मेडिकल कंडीशंस: जिन लोगों को पहले से दिल की बीमारी, डायबिटीज है या जो ब्लड प्रेशर कम करने वाली दवाएं ले रहे हैं, उनमें गर्मी के कारण बेहोश होने का खतरा बढ़ जाता है। ये दवाएं गर्म मौसम में डिहाइड्रेशन को और तेज कर सकती हैं।
​इस समस्या से बचने के लिए विशेषज्ञ के टिप्स
​खुद को हाइड्रेटेड रखें: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और लिक्विड डाइट लें। इससे ब्लड प्रेशर मेंटेन रखने में मदद मिलती है।
​अत्यधिक तापमान से बचें: दोपहर की तेज धूप में बाहर निकलने से बचें। बहुत गर्म पानी से नहाने से भी परहेज करें। घर के अंदर तापमान बढ़ने पर पंखे या एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करें।
​लंबे समय तक भूखे न रहें: खाली पेट रहने से शरीर में कमजोरी आती है, जो बेहोशी की वजह बन सकती है। इसलिए समय-समय पर कुछ न कुछ खाते रहें।
​अल्कोहल से दूरी बनाएं: शराब शरीर में डिहाइड्रेशन की प्रक्रिया को बढ़ा देती है, इसलिए गर्मियों में इसके सेवन से बचना चाहिए।
​अचानक पोस्चर न बदलें: बैठे या लेटे होने की स्थिति से अचानक झटके के साथ खड़े न हों। हमेशा धीरे-धीरे खड़े होने की आदत डालें। अगर अचानक चक्कर आने लगे, तो अपने पैरों को क्रॉस कर लें और मांसपेशियों को थोड़ा कस लें।
​ढीले कपड़े पहनें और ब्रेक लें: गर्मी के मौसम में हमेशा हल्के और खुकुलो (ढीले) सूती कपड़े पहनें। यदि आप कोई आउटडोर एक्टिविटी या एक्सरसाइज कर रहे हैं, तो बीच-बीच में नियमित ब्रेक लें।
​बेहोश मरीज के साथ न करें ये गलती: अगर कोई व्यक्ति पहले से ही बेहोश हो चुका है, तो उसे जबरदस्ती पानी पिलाने की कोशिश बिल्कुल न करें। इसके बजाय उसे किसी ठंडी व छायादार जगह पर ले जाएं और ठंडे पानी से उसके शरीर को स्पंज करें।
​गर्मियों में हीट स्ट्रोक और ब्लैकआउट जैसी समस्याओं को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है। सावधानी और सही दिनचर्या अपनाकर ही इस चिलचिलाती गर्मी में खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।

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