नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देश के विकास को गति देने के लिए तीस हजार दो सौ नब्बे करोड़ रुपये की अहम विकास पहलों को हरी झंडी दिखाई गई है। इस बैठक में लिए गए ताबड़तोड़ फैसलों के तहत एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों को स्थिर रखने, पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने और नए हाईवे प्रोजेक्ट्स के निर्माण पर विशेष जोर दिया गया है। कैबिनेट ने तेल विपणन कंपनियों के लिए दस हजार करोड़ रुपये की एकमुश्त बजटीय सहायता को मंजूरी दी है, जिसे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के जरिए ओएमसी को ब्याज मुक्त एडवांस के रूप में दिया जाएगा। इस वित्तीय मदद का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक बाजार में ईंधन की कीमतों में आ रहे भारी उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय एयरलाइंस के घरेलू और अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन्स के लिए एटीएफ की कीमतों को स्थिर बनाए रखना है।
इसी बैठक में दिल्ली-NCR क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ गतिशीलता को बढ़ावा देने के लिए पांच हजार इकतालीस करोड़ रुपये की लागत वाली एक ऐतिहासिक दो-वर्षीय योजना को भी मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत क्षेत्र में चलने वाले पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी, जिसका वित्तपोषण आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र योजना बोर्ड द्वारा किया जाएगा तथा इसे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के सहयोग से लागू किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से कैबिनेट समिति ने ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक एक नए तटीय राजमार्ग (कोस्टल हाईवे) के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है। हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल पर आधारित इस हाईवे की कुल लंबाई एक सौ साठ दशमलव एक आठ किलोमीटर होगी और इसके निर्माण पर आठ हजार तीन सौ दशमलव सात नौ करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत आएगी।









