कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण का मतदान गुरुवार सुबह कड़े सुरक्षा प्रबंधों के बीच शुरू हो गया। राज्य की १५२ विधानसभा सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।
सुबह से ही मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और व्यवस्थित मतदान सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
पहले चरण में राज्य के १६ जिलों की १५२ सीटों पर मतदान हो रहा है। इनमें दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूचबिहार, उत्तर दिनाजपुर, दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, बीरभूम, पश्चिम बर्दवान, पुरुलिया, बांकुरा, झारग्राम, पश्चिम मेदिनीपुर और पूर्व मेदिनीपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सीमावर्ती इलाके, चाय बागान क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, आदिवासी बहुल इलाके और कई प्रमुख शहरी क्षेत्र भी शामिल हैं।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, इस चरण में लगभग ३ करोड़ ६० लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं। करीब ४४ हजार मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। निर्धारित समय पर मतदान शुरू होने के बाद कई स्थानों पर मतदाताओं में उत्साह देखा गया। महिलाओं, युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों की भी अच्छी भागीदारी रही।
राज्यभर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। केंद्रीय सशस्त्र बलों की २,४०७ कंपनियां तैनात की गई हैं। संवेदनशील और अति संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त बल, निगरानी दल, मानचित्रण व्यवस्था और विशेष पर्यवेक्षक तैनात किए गए हैं। किसी भी शिकायत या तनाव की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल को भी सक्रिय रखा गया है।
सुबह विपक्षी दल के नेता एवं भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ विधायक शुभेंदु अधिकारी नंदीग्राम पहुंचे और मतदान केंद्रों का दौरा किया। उन्होंने विभिन्न केंद्रों पर उपस्थित मतदान एजेंटों से बातचीत की और कहा कि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष प्रक्रिया सुनिश्चित करने की भी अपील की।
पहले चरण में कुल १,४७८ उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, जिनमें कई दिग्गज नेता, मंत्री, पूर्व विधायक और नए चेहरे शामिल हैं। राजनीतिक दलों की नजर विशेष रूप से उत्तर बंगाल, सीमावर्ती क्षेत्रों, ग्रामीण इलाकों और अल्पसंख्यक बहुल सीटों पर टिकी हुई है।









