आर्मेनियाई नरसंहार को इजरायल की मान्यता पर भड़का अजरबैजान

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नयी दिल्ली: ​इजरायल सरकार द्वारा वर्ष १९१५ के आर्मेनियाई नरसंहार को आधिकारिक तौर पर मान्यता देने के फैसले पर अजरबैजान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि बिना किसी ठोस कानूनी या विद्वतापूर्ण आधार के ऐतिहासिक तथ्यों को राजनीतिक लाभ के लिए तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है। उसने चेतावनी दी कि इजरायल का यह फैसला दोनों देशों के बीच आपसी समझ बढ़ाने के बजाय दूरियां पैदा करेगा और क्षेत्रीय शांति को नुकसान पहुंचाएगा।
​तुर्की और कूटनीतिक संवेदनशीलता के कारण दशकों तक इस मुद्दे से बचते रहने के बाद, इजरायली कैबिनेट ने रविवार को विदेश मंत्री गिदोन सार द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी। इस प्रस्ताव में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान ओटोमन साम्राज्य द्वारा १५ लाख आर्मेनियाई ईसाइयों की सामूहिक हत्या को नरसंहार माना गया है। अजरबैजान और इजरायल के बीच मजबूत रणनीतिक और व्यापारिक संबंध होने के बावजूद, इजरायल ने आर्मेनिया के साथ हालिया नजदीकियों के बीच यह ऐतिहासिक नीतिगत बदलाव किया है।

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