‘२०३१ में लेंगे बदला और नहीं बचेगा कोई भाजपा दफ्तर’ वाले बयान पर बढ़ीं मुश्किलें
काेलकाता: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी की कानूनी मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को धमकी देने और २०३१ में ब्याज समेत बदला लेने के बयान को लेकर पुलिस ने उनके खिलाफ एक नई प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की है।
आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने बंगाली भाषा में मीडिया से बात करते हुए कहा था कि भविष्य में जब सरकार बदलेगी, तो राज्य में बीजेपी का कोई भी पार्टी दफ्तर नहीं बचेगा और २०३१ में बीजेपी से पूरे ब्याज के साथ बदला लिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है।
गौरतलब है कि चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए कथित बयानों और धमकियों को लेकर बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन समेत विभिन्न थानों में उनके खिलाफ पहले से ही ८ एफआईआर दर्ज हैं। अभिषेक बनर्जी ने इन सभी मामलों में एक साथ गिरफ्तारी या दंडात्मक कार्रवाई से राहत के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उन्हें किसी भी तरह की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई ३० जुलाई के लिए तय की गई है।











